कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

शरद कलास्कर ने नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या का आरोप स्वीकारा, कहा- दक्षिणपंथी समूहों ने बम बनाने और गोली चलाने की दी थी ट्रेनिंग

उन्होंने गोविंद पनसारे और गौरी लंकेश की हत्याओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है.

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार शरद कलास्कर ने स्वीकार किया है कि वह तर्कवादी नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या में भी शामिल था. इसके साथ ही उसने माना है कि गोविन्द पनसारे की हत्या से भी उसका कनेक्शन रहा है.

अगस्त 2013 में पुणे में नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या के बाद फरवरी 2015 में गोविन्द पनसारे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अगस्त 2015 में ही गोविन्द पनसारे की भी हत्या की गई थी. सितंबर 2017 में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या हुई.

एनडीटीवी को शरद कलास्कर का पुलिस के समक्ष दिया स्वीकारनामा हाथ लगा है. इसमें शरद ने माना है कि पुणे के ओंकारेश्वर पुल पर सुबह टहलने निकले नरेन्द्र दाभोलकर को उसने दो गाली मारी थी. पिछले साल महाराष्ट्र की आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शरद को गिरफ़्तार किया था. शरद कलास्कर से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र एटीएस ने पाया कि इन सभी तर्कवादियों की हत्या के पीछे दक्षिणपंथी समूहों का हाथ रहा है. कलास्कर ने माना है कि कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने उसे हथियार चलाने का क्रैश कोर्स कराया था. इसमें उसे बम और बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी.

शरद ने बताया है कि नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित वीरेन्द्र तावड़े ने उसे कहा था कि दाभोलकर के सिर में गोली मारी जाए. उसके मुताबिक वीरेन्द्र तावड़े ने कहा था, “हमें कुछ दुष्टों को ख़त्म करना होगा.” एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने वीरेन्द्र तावड़े को भी गिरफ़्तार किया है. वीरेन्द्र तावड़े ने शरद कलास्कर की पहचान अमोल काले के साथ कराई. अमोल काले पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. कलास्कर ने कहा है कि गौरी लंकेश की हत्या करने से पहले कई बैठकें हुई थी, जिसमें वह शामिल रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक शरद कलास्कर ने कहा है, “अगस्त 2016 में बेलगाम में एक बैठक हुई थी, जिसमें हिन्दू धर्म के ख़िलाफ़ काम करने वाले लोगों का नाम सामने रखा गया था. इसी बैठक में गौरी लंकेश का नाम उभर कर आया और उनकी हत्या की प्लानिंग की गई. इसके एक साल बाद एक फाइनल बैठक में हत्या की प्लानिंग को अंतिम रूप दिया गया. फिर इस बैठक के एक महीने बाद गौरी लंकेश को मार दिया गया.”

शरद कलास्कर ने यह भी कहा है कि बॉम्बे हाइकोर्ट के सेवानिवृत जज न्यायमूर्ति बीजी कोलसे पाटिल की हत्या की प्लानिंग भी की गई थी.

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