कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मानवाधिकारों के सम्मान के बिना कोई स्थायी शांति या सतत विकास नहीं : फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि और अधिक न्यायोचित, सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण दुनिया के लिए हमारी उम्मीदें तभी पूरी हो सकती है, जब सभी मनुष्यों की गरिमा और समान अधिकार का सम्मान हो.

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि कानून के पालन और मानवाधिकार के सम्मान के बिना स्थिर शांति या टिकाऊ विकास नहीं हो सकता.

विश्व मानवाधिकार दिवस पर अपने संदेश में श्रीनगर से सांसद अब्दुल्ला ने कहा कि इंसान के बुनियादी मानवाधिकार में शिक्षा का अधिकार, एकत्र होने का अधिकार, किसी भी धर्म को मानने का अधिकार और सबसे ऊपर गरिमामयी जीवन का अधिकार शामिल है.

उन्होंने कहा, ‘‘नेशनल कांफ्रेंस में यह सुनिश्चित करना हमारे ऊपर है कि हमारे राज्य के लोगों को ये सभी बुनियादी अधिकार मिलें. नया कश्मीर प्रगतिशील विचारधारा में ये सभी अधिकार अंतर्निहित हैं और हमारा नेतृत्व लोगों के सभी अधिकार सुनिश्चित करने के लिए कठिन मेहनत कर रहा है.’’

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि और अधिक न्यायोचित, सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण दुनिया के लिए हमारी उम्मीदें तभी पूरी हो सकती है, जब सभी मनुष्यों की गरिमा और समान अधिकार का सम्मान हो.

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