कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर काम करने वाले कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है

सरदार पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ही छत्रछाया में हो रहा है मजदूरों का शोषण.

यह सुनने में अजीब लगेगा कि जिस स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को गुजरात और केंद्र की बीजेपी सरकार एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानती है, उनके मजदूरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. अपने हक़ के पैसे नहीं मिलने पर ये मजदूर पिछले तीन महीने से हड़ताल पर है.

ख़बरबार के रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय निवासी ने कहा कि इस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर काम करने वाले कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. यहां काम करने वाले कर्मचारी यूडीएस कंपनी के हैं. जिन्हें ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ वाली जगह पर काम करने के लिए ठेका मिला है. लेकिन ये कर्मचारी पिछले तीन महीने से हड़ताल पर हैं.” वहीं, उसने यह भी कहा कि ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की वज़ह से उनका शोषण कर रहे थे.

इन कर्मचारियों में मुख्य रूप से सुरक्षा कर्मचारी, माली, क्लीनर, लिफ्ट मैन, टिकट चेकर और अन्य शामिल है.जिनके वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण में दिक्कतें आ रही है.

गौरतलब है कि यूडीएस कंपनी के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद 100 से अधिक कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.

अक्टूबर 2018 में इस प्रतिमा के अनावरण करते हुए पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि, यह स्थल राष्ट्र को समर्पित है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा था कि, “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी उन सभी सवालों का उत्तर है जो भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं. प्रतिमा की ऊंचाई युवाओं को यह याद दिलाने के लिए है कि देश का भविष्य इस तरह विशाल होगा. यह हमारी इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी सामर्थ्य का भी प्रतीक है.”

बता दें कि यहां हर रोज करीब 30,000 पर्यटक आते हैं. पिछले साल अक्टूबर 2018 में ही गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ यानी सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण किया गया था.

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