कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

पुरानी दिल्लीः मुस्लिम युवक के साथ मारपीट, सालों से रह रहे मुस्लिमों को साबित करनी पड़ रही है देशभक्ति

मोहल्ला किशनगंज के लोगों का कहना है कि आज देश में ऐसा माहौल हो गया है कि अगर कोई मुस्लिम को पीटता है तो उसे कोई नहीं बचाता है.

पुरानी दिल्ली का वह इलाक़ा जहां सालों से हिंदू-मुस्लिम एक साथ रहते आए हैं, वहां इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. आज़ाद मार्केट स्थित तेलीवाड़ा (हिंदू बहुल इलाका) और मुहल्ला किशनगंज (मुस्लिम बहुल इलाका) के लोग इन दिनों तनाव के साये में जी रहे हैं. कब क्या हो जाए किसी को मालूम नहीं.

दरअसल, बीते 20 फ़रवरी को मुहल्ला किशनगंज का 15 वर्षीय मुस्लिम युवक मुज़म्मिल तेलीवाड़ा मोहल्ले से अपनी स्कूटी से जा रहा था. तभी उसके सामने एक बच्चा आ गया. बच्चे को देख युवक ने अचानक ब्रेक मार दिया और स्कूटी फिसल गई. इस छोटे से वाक़या पर तेलीवाड़ा इलाक़े के लोगों ने उस युवक के साथ मार-पीट को अंजाम दिया. मारपीट के बाद घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया. मेडिको लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) करवाई गई.

मुहल्ला किशनगंज के लोगों ने 100 नबंर पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी. लेकिन पीसीआर भी करीब आधे घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची. इस बीच मुहल्ला किशनगंज के युवाओं में घटना को लेकर काफ़ी आक्रोश उत्पन्न हो गया. लेकिन बड़ों के समझाने पर स्थिति सामान्य हो पाई. अगले दिन यानी 21 फ़रवरी को दोनों पक्षों के लोगों ने थाना बाड़ा हिन्दू राव में समझौता कर मामले को रफ़ा-दफ़ा कर दिया. लेकिन मुहल्ला किशनगंज के युवा और पीड़ित इस समझौते से संतुष्ट नहीं है.

घायल युवक के दोस्त रियान का कहना है कि “यह पहली घटना नहीं है जब तेलीवाड़ा के लोगों ने मुस्लिम युवक के साथ मारपीट की है. इस तरह के 3 मामले पहले भी हो चुके हैं. लेकिन हर बार समझौता करवा दिया जाता है.”

रियान आगे कहता है, “असल मुद्दा यह है ऐसी घटनाएं एक के बाद एक घटना होती रही है लेकिन थाने में समझौता करवाया दिया जाता है. हमें डर है कि ये छोटी-छोटी घटनाएं किसी बड़ी दुर्घटना का रूप न ले ले.”

न्यूज़सेन्ट्रल24X7 से बातचीत करते हुए घायल युवक मुज़म्मिल ने बताया कि 20 फरवरी, बुधवार की रात 8:30 बजे मैं फ़ोटोकॉपी करवा के तेलीवाड़ा से अपनी स्कूटी से जा रहा था तभी एक बच्चा अचानक स्कूटी के सामने आ गया. कीचड़ होने की वज़ह से स्कूटी बच्चे को छूते हुए नीचे फिसल गई. जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने कहासुनी करते हुए पहले मेरा नाम पूछा और फिर मेरे साथ मारपीट की. मेरी पहचान के एक लड़के ने मुझे भीड़ से बाहर धक्का देकर निकाला. फिर मैंने घर फ़ोन कर घटना की जानकारी दी. मुज़म्मिल आगे कहता है कि “वह इस समझौते से संतुष्ट नहीं है लेकिन परिजनों और पुलिस एसएचओ ने समझौता करने को कहा इसलिए मामला ख़त्म कर दिया.”

न्यूज़सेन्ट्रल24X7 से बातचीत करते हुए मुहल्ला इंतजामिया कमेटी के सदस्य नसीम अहमद अंसारी का कहना है कि “पुलवामा आतंकी हमले के बाद लगातार चार दिनों तक किशनगंज की दुकान बंद न होती देख कुछ विशेष दल के लोग मोहल्ले में आकर नारेबाज़ी करते थे.”

नसीम अंसारी आगे सवाल के लहज़े में कहते हैं कि “हमें देशभक्ति का सबूत देने की ज़रूरत क्यों पड़ती है. हम हिंदुस्तानी हैं हिंदुस्तान हमारा है. हमें दर्द है, इस मुल्क का माहौल ऐसा हो गया है कि अगर किसी मुस्लिम के साथ मार-पीट होती है तो उसका कोई बचाव नहीं करता.”

उन्होंने कहा कि “हमें मुस्लिम होने की वजह से देशभक्ति का सबूत देना पड़ता है. हमें इससे बहुत तकलीफ़ होती है.” अंसारी ने यह भी बताया कि हमने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करते हुए मोहल्ला इंतजाम कमेटी के सदस्यों ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला और हमले का विरोध किया था.

नसीम अंसारी कहते हैं कि “केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं. जहां भीड़ किसी मुस्लिम को निशाना बनाकर उसके साथ मारपीट को अंजाम देती है. हम समझौता इसलिए कर लेते हैं ताकि बात ज़्यादा न बढ़े या लोगों के बीच कोई मनमुटाव व नफ़रत ना हो. लेकिन हर मामले में समझौता करने के बाद भी ऐसी घटना हो रही है जो बहुत दुखद है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि “ऐसी घटनाओं को जानबूझ कर अंजाम दिया जा रहा है. इंसानियत खत्म हो गई है. आगामी चुनावों को लेकर कुछ लोगों का मकसद धर्म के नाम पर ऐसी घटनाओं को भकड़ना है.”

वहीं फहीम अंसारी नामक व्यक्ति ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहते हैं, “जिस बच्चे के साथ घटना हुई थी उससे पहले नाम पूछा गया और उसके बाद मारपीट की गई. ऐसा नहीं है सभी लोग शरीरती हैं लेकिन कुछ लोग शरारती और अराजक तत्व यहां मौजूद हैं जो माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं.”

पिछली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “कुछ लोगों ने मदरसे से वापस घर जा रहे कुछ मुस्लिम बच्चों के साथ रात 9 बजे मारपीट को अंजाम दिया था. हालांकि वे बच्चे किशनगंज मुहल्ले के रहने वाले नहीं थे. लेकिन टोपी देखकर उनके साथ मारपीट की गई.”

वहीं तेलीवाड़ा इलाक़े के लोगों ने आरोपों को सीधे तौर पर ख़ारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि “स्कूटी तेज़ी से ला रहे युवक ने बच्चे को टक्कर मार दी थी. जिसकी वजह से बच्चे को चोट आई. इस बात से नाराज़ होकर पब्लिक ने युवक को दो-चार थप्पड़ मारे थे. लेकिन कोई बड़ी बात नहीं हुई थी. अगर ऐसा होता तो बहुत बड़ा झगड़ा हो जाता.”

उन्होंने बताया कि बच्चे को गुम चोट आई है. हालांकि मेडिको लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) मांगने पर उन्होंने कहा कि वो थाने में जमा है.

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