कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नोटबंदी और जीएसटी ने लोगों की नौकरियां छीन ली, अब आरक्षण देकर नौकरियां कहां से लाएंगे मोदी जी- शिवसेना

शिवसेना ने हैरानी ज़ाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि आरक्षण तो दिया पर नौकरियां कहां से आएंगी?

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फ़ैसले पर शिवसेना ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है.  इस आरक्षण को लेकर शिवसेना ने हैरानी ज़ाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि आरक्षण तो दिया पर नौकरियां कहां से आएंगी?

जनसत्ता की एक ख़बर के अनुसार शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र में आरक्षण दिया गया है लेकिन सवाल यह कि नौकरियां कहां हैं. शिवसेना ने अपने मुखपत्र, सामना के संपादकीय में लिखा, “जब सत्ता में बैठे लोग रोज़गार और गरीबी दोनों मोर्चों पर नाकाम होते हैं, तब वे आरक्षण कार्ड खेलते हैं.” संपादकीय में चेतावनी दी गई है कि अगर यह वोट के लिए लिया गया फ़ैसला है तो यह महंगा साबित होगा.

संपादकीय में लिखा गया कि पिछले दो सालों से नौकरियों की संख्या बढ़ने के बजाय कम हो रही हैं. नोटबंदी और जीएसटी की वजह से 1.5 करोड़ नौकरियां चली गई है. शिवसेना ने कहा कि सरकार के 10 प्रतिशत आरक्षण से योग्य युवाओं को कुछ मिल पायेगा. शिवसेना ने मोदी पर तंज़ कसते हुए कहा कि युवाओं को पकौड़े तलने की सलाह देने वाले प्रधानमंत्री मोदी को आखिरकार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देना पड़ा.

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