कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मोदी सरकार के आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की जांच करेगी संसदीय समिति

संसदीय समिति स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख अधिकारियों को भी जांच के लिए तलब कर सकती है।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की स्वास्थ्य देखभाल योजना के क्रियान्वयन की एक संसदीय समिति जांच करेगी और वह, इस कार्यक्रम पर समिति के सदस्यों को जानकारी देने के लिये स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख अधिकारियों को भी तलब कर सकती है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के दो व्यापक लक्ष्य हैं- देशभर में स्वास्थ्य एवं देखभाल आधारभूत संरचना का एक नेटवर्क बनाना और प्रति परिवार पांच लाख रूपये का वार्षिक बीमा कवर उपलब्ध कराना जिससे 10.74 करोड़ परिवारों को फायदा होगा।

समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली स्वास्थ्य मामलों पर स्थायी संसदीय समिति ने योजना के क्रियान्वयन के निरीक्षण का फैसला किया है।

इसके अलावा, यह समिति एम्स और उस जैसे दूसरे संस्थानों के कामकाज के तरीके और कैंसर तथा डुशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) के इलाज की वहनीयता को भी देखेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को झारखंड से आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा था कि योजना के लागू होने के बाद से 50 हजार से ज्यादा गरीब लोग योजना का लाभ उठा चुके हैं । इस योजना को दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम बताया जा रहा है।

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