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मोदी काल में बद से बदतर हुई किसानी की हालत, 14 सालों में सबसे कम रही कृषि आय वृद्धि दर

पिछले 20 सालों के मुक़ाबले बीते 5 सालों में कृषि आय वृद्धि दर, कृषि विकास दर और फसलों की मूल्य सबसे खराब स्थिति में है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिनों का वादा करके सत्ता हासिल की थी. लेकिन इस सरकार में किसानों की हालत बद से बदतर हो गई है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीईओ) के अनुमान के अनुसार इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही(अक्टूबर-दिसंबर 2018) में कृषि आय वृद्धि दर 14 सालों में सबसे कम रही है. वहीं इस अवधि में कृषि क्षेत्र में विकास दर भी पिछली 11 तिमाही में न्यूनतम है.

न्यूज़ प्लेटफार्म की ख़बर के अनुसार पिछले 20 सालों के मुक़ाबले बीते 5 सालों में कृषि आय वृद्धि दर, कृषि विकास दर और फसलों की मूल्य सबसे खराब स्थिति में है.

बता दें कि साल 2009-10 में किसानों की वार्षिक वास्तविक आय वृद्धि दर 3.6 प्रतिशत थी, जो साल 2013-14 से 2017-18 में गिरकर 2.5 प्रतिशत रह गई. साल 2018-19 में किसान आय वृद्धि में और तेज़ी से गिरावट आई है. जो 14 सालों में सबसे अधिक है.

वहीं साल 1998-99 से लेकर 2003-04 तक कृषि विकास दर 2.9 प्रतिशत थी. साल 2004-05 से लेकर 2008-09 तक विकास दर 3.1 प्रतिशत रही. फिर साल 2009-10 से लेकर 2013-14 तक विकास दर 4.3 प्रतिशत थी. लेकिन, साल 2014-15 से लेकर 2018-19 तक कृषि विकास दर 2.9 प्रतिशत रही है, जो साबित करते हैं कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान कृषि विकास दर में साल 2009-10 की तुलना में तकरीबन 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के पांच सालों में अधिकांश मुख्य फसलों के लाभ में एक तिहाई की गिरवाट दर्ज की गई है. साल 2017-18 में कृषि निर्यात 42 बिलियन डॉलर (2013-14) से गिरकर 38 बिलियन डॉलर रह गया. वहीं कृषि आयात 16 बिलियन डॉलर (2013-14) से बढ़कर 24 बिलियन डॉलर (2017-18) पहुंच गया है.

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