कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ईवीएम पर मोदियाना इतिहास -1984 की हार पर भाजपा ने ईवीएम को दोषी नहीं ठहराया था। सच: 1998 से पहले ईवीएम था ही नहीं!

ईवीएम का सबसे पहला प्रयोग 1998 में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित कुल 16 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में किया गया था।

एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने झूठेपन का सबूत जनता को दिया है। बीते मंगलवार 25 सितंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए “कार्यकर्ता महाकुंभ” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा भी 1984 में चुनाव हारी थी। लेकिन उसने अपनी हार के लिए ईवीएम को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया था।

मजेदार बात यह है कि ईवीएम का सबसे पहला प्रयोग 1998 में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित कुल 16 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में किया गया था। अब समझने वाली बात यह है कि ईवीएम का पहला प्रयोग 1998 में हुआ था तो 1984 में हारे हुए चुनाव का दोष ईवीएम पर वो कैसे दाल सकते थे।

ज्ञात हो कि पिछले साल हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।

बता दें कि मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उसके बाद 2019 में लोकसभा चुनाव। ऐसे में भाजपा तरह-तरह के अफवाह और झूठी बातें लोगों के बीच में फ़ैलाने में लगी हुई है।

Can someone tell me what kind of weed makes you alter history itself ? 84 me EVM

Pranav Proothi ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶನಿವಾರ, ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 29, 2018

 

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