कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई दक्षिणपंथी सनातन संस्था से ध्यान भटकाने की कोशिश : आंबेडकर

उन्होंने कहा, ‘‘इन छापों के साथ सरकार जनसमूह को खामोश करने की कोशिश कर रही है।"

दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने आज दावा किया कि नक्सलियों से कथित संबंध रखने को लेकर वामपंथी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मकसद दक्षिणपंथी संगठन ‘‘सनातन संस्था’’ के खिलाफ जांच से ध्यान भटकाना है।

आंबेडकर ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस ने जनवरी में पुणे के पास हुई भीमा – कोरेगांव हिंसा के बारे में विरोधाभासी दावे किए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा नीत सरकार सनातन संस्था के खिलाफ चल रही जांच से ध्यान भटकाना चाहती है, इसलिए ये छापे मारे गए।

भारिपा बहुजन महासंघ नेता कहा कि भीमा – कोरेगांव हिंसा की जांच कर रही पुणे ग्रामीण पुलिस ने संभाजी भिडे और मिलिंद एकबोटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, ये दोनों लोग आक्रामक दक्षिणपंथी रूख रखने को लेकर जाने जाते हैं। इन दोनों ने कथित तौर पर हिंसा को उकसाया था।

उन्होंने कहा कि लेकिन विश्रामबाग वाडा पुलिस थाना (पुणे शहर) के अधिकारी पुणे में हुई ‘‘एलगार परिषद’’ कार्यक्रम के सिलसिले में शहरी माओवादी की ओर संकेत कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में कई वामपंथी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था।

डॉ भीम राव आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने इससे पहले एक न्यूज चैनल से कहा कि माओवादियों से संबंध होने के संदेह में वामपंथी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जनसमूह को खामोश करने की कोशिश है।

आंबेडकर ने कहा कि सरकार के खिलाफ जो आवाज उठा रहे हैं, वे गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और गैर राजनीतिक संगठन हैं लेकिन उनकी जड़ें जनसमूह में है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन छापों के साथ सरकार जनसमूह को खामोश करने की कोशिश कर रही है लेकिन मुझे संदेह है कि क्या गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) चुप होंगे। वे सरकार का विरोध करने में कहीं अधिक सक्रिय होंगे क्योंकि उनका कोई हित नहीं जुड़ा हुआ है।’’

पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘वे लोग चुनाव नहीं लड़ते। उनकी रूचि सिर्फ यह देखने में है कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों की देश में हिफाजत हो। यह उनका मकसद है। वे लोग पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्रिय होंगे।’’

उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने की शुरूआत में महाराष्ट्र पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक दक्षिणपंथी हिंदू संगठन का एक सदस्य भी शामिल था। इन लोगों को विस्फोटों की साजिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया कि कर्नाटक पुलिस ने गौरी लंकेश हत्या मामले में कार्रवाई की थी।

उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक पुलिस ने उस मामले में महेश काले को पुणे से गिरफ्तार किया था जिसके चलते राज्य पुलिस कार्रवाई को मजबूर हुई।

विस्फोट की साजिश रचने के मामले में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा इस महीने 10 तारीख को गिरफ्तार किए गए वैभव राउत ने कथित तौर पर सनातन संस्था का सदस्य होने का दावा किया था। लेकिन संस्था ने उसके अपना सदस्य होने से इनकार कर दिया था।

पुलिस ने अब तक यह नहीं कहा है कि संस्था मामले की जांच के दायरे में है या नहीं।

गौरतलब है कि पुणे पुलिस ने कल देश के विभिन्न हिस्सों में वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों में छापा मारा था और कवि वरवर राव, मानवाधिकार कार्यकर्ता वेरनन गोंजाल्विस, अरूण फेरार, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया गया था।

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