कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

देशभक्ति आपकी सबसे बड़ी जागरुकता है और इस देश की जनता हमेशा जागरुक रही है- प्रियंका गांधी

"यह चुनाव आपके लिए लड़ा जा रहा है, इस देश के लिए लड़ा जा रहा है, इस लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए लड़ा जा रहा है."

कांग्रेस महासचिव और पूर्वांचल के प्रभारी प्रियंका गांधी ने मंगलवार को हरियाणा के अंबाला में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. उन्होंने ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों के लिए रोजगार पैदा करना, किसान का विकास करना, महिलाओं को सुरक्षित रखकर उनका भी विकास करवाना है. 2014 में जब भाजपा की केन्द्र में सरकार बनी और आपके प्रदेश में भी बनी, तो बहुत उम्मीदें थी, आशाएं थी, जिनकी वजह से आपने इनको भारी से भारी बहुमत से जिताया था लेकिन लेकिन पिछले 5 सालों में आपने क्या देखा? सिर्फ नोटबंदी की वजह से 5 लाख रोजगार कम हुए हैं.

गांधी ने कहा कि रोजगार बनाने की बजाए इनके शासन में रोजगार खोए गए. मनरेगा जो एक ऐसा प्रोग्राम था, जिससे ग्रामीण रोजगार मजबूत होता था, जिससे मजदूरी मिलती थी 100 दिनों की, उसको दुर्बल कराया गया. जो मनरेगा के कार्य मजदूरों से कराए जाते थे, वह आज जेसीबी ठेकेदारों से कराए जाते हैं. जो मनरेगा की मजदूरी है, वह भी समय पर नहीं मिलती है.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी करके आप सबको कहा गया कि बहुत बड़ी देशभक्ति है, आप कतार में खडे हो जाईए, अपने पुराने नोट बैंक में ले जाईए, लेकिन क्या हुआ? आपको कहा था कि देश में जितना भी कालाधन बाहर है, वो देश में वापस आ जाएगा. एक भी रुपया कालाधन वापस नहीं आया, आप कतार में खड़े हो गए, आपने कभी किसी अमीर आदमी को कतार में खड़े हुए देखा उस समय़, कभी कोई भाजपा का नेता देखा? आप ही खड़े हुए थे, ये देशभक्ति की बात उन्होंने आप तक सीमित रखी. उन्होंने कहा कि सारा कालाधन वापस आएगा, लेकिन एक रुपया नहीं आया, इससे किसका नुकसान हुआ? जनता का नुकसान हुआ, आपका नुकसान हुआ, मेरी बहनों का नुकसान हुआ, जिन्होंने अपनी छोटी-मोटी बचत की थी, किसी अमीर आदमी का नुकसान नहीं हुआ और इससे ऊपर जब इन्होंने नोटबंदी की, तब शहरों में जो रोजगार मिलते थे, वो घटे.

प्रियंका गांधी ने किसानों की मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा ने कहा था कि किसानों की आमदनी दुगनी की जाएगी, इनके 5 साल के शासन में किसान कर्ज में डूब रहा है, 12,000 किसानों ने आत्महत्या की, उन्हें अपनी उपज का दाम समय पर नहीं मिलता, समय पर बीज और खाद नहीं मिलती और आज किसान की ये परिस्थिति है कि तमाम प्रदेशों में किसान आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहा है और सरकार सहायता नहीं करती। कहीं एक बार सरकार ने किसी किसान की सहायता की हो, जब वो कर्ज में डूब रहा हो तो मैं अपना नाम बदल दूंगी.

उन्होंने कहा कि भाजपा वाले अलग-अलग मुद्दे उठाते हैं, कभी कहते हैं कि 70 साल से हाथी सो रहा है, कभी शहीदों के नाम पर वोट मांगते हैं, कभी मेरे परिवार के शहीद सदस्यों का अपमान करते हैं, लेकिन आपकी जरुरतों की बात नहीं करते. ये कभी नहीं कहते कि जनता की क्या समस्याएं हैं, जनता के क्य़ा मुद्दे हैं, जिन्हें हल करना चाहिए.

गांधी ने कहा कि इनके बड़े-बड़े नेता विदेश में घूमते हैं, अमेरिका जाते हैं, जापान जाते हैं, पाकिस्तान में बिरयानी खाते हैं, जापान में ढोल बजाते हैं, चीन में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ गले लगते हैं, लेकिन इनके बड़े-बड़े नेता कभी इस देश की जनता के बीच नहीं जाते, एक ऐसा गांव नहीं है जिसमें ये गए हैं, जिसमें जाकर इन्होंने हमारे देश, हिंदुस्तान के किसानों, हिंदुस्तान के नौजवानों, हिंदुस्तान की महिलाओं से पूछा हो कि आप कैसे जी रहे हैं, आप किन मुसीबतों से गुजर रहे हैं, हम आपकी समस्याओं के हल के लिए क्या कर सकते हैं? यही सच्चाई है इस सरकार की और यही सच्चाई है प्रधानमंत्री की.

आगे प्रियंका गांधी ने कहा कि आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री जी ने पिछले चुनाव में बहुत बड़ा एलान किया था, उन्होंने कहा था कि आपकी जेब में, आपके खातों में 15 लाख रुपए डाले जाएंगे। जरा बताईए आपको मिले वो 15 लाख रुपए – (जनता ने कहा- नहीं). आपसे धोखा हुआ कि नहीं- (जनता ने कहा- हाँ, हुआ). आपको मालूम है कि आपकी किसान बीमा से 10,000 करोड़ रुपए का फायदा किसी उद्योगपति को हुआ है? आपको मालूम है कि 15 लाख रुपए देने की बजाए, आपसे पैसे लिए गए हैं और आपसे लेकर इस देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को दिए गए हैं? जब आप पर विपत्ति आती है, जब आपके खेतों का नुकसान होता है तो आपको वो बीमा नहीं मिलता, आपको वो पैसे नहीं दिखते. इसी तरह से जो 15 लाख रुपए की बात इन्होंने की थी, इन्हीं के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनाव के बाद कहा कि वो जुमला था। इनकी इतनी हिम्मत कि पूरे देशभर में आपके सामने इन्होंने प्रचार किया और चुनाव के एकदम बाद यह कह दिया कि वो बड़ा जुमला था और उसका कुछ मतलब नहीं था.

फिर गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के घोषणा पत्र की बात की. उन्होंने न्याय योजना सहित किसानों को अलग से बजट लाने की तमाम मुद्दों पर अपना भाषण दिया. प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ये स्पष्ट किया है कि ये चुनाव आपके लिए लड़ा जा रहा है, इस देश के लिए लड़ा जा रहा है, इस लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए लड़ा जा रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति किसकी होती है? बताईए – आपकी, कहिए हमारी। किसकी होती है सबसे बड़ी शक्ति – (जनता ने कहा – हमारी). आपकी है सबसे बड़ी शक्ति. सबसे बड़ी देशभक्ति यही है कि आप उस शक्ति को जिम्मेदारी से समझिए और ये जो कतार में लगना और य़े जो बड़ी-बड़ी बातें होती हैं ये अलग होती हैं, देशभक्ति आपकी सबसे बड़ी जागरुकता है और इस देश की जनता हमेशा जागरुक रही है.

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