कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

हार के डर BJP उठा रही है नागरिकता का मुद्दा, पूरे हिन्दुस्तान को मालूम है कि राहुल गांधी हिन्दुस्तानी हैं: प्रियंका गांधी

राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर जारी नोटिस पर मंगलवार को कहा कि पूरे हिन्दुस्तान को मालूम है कि राहुल गांधी हिन्दुस्तानी हैं.

प्रियंका ने इस बाबत सवाल किये जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘पूरे हिन्दुस्तान को मालूम है कि राहुल गांधी हिन्दुस्तानी हैं … उनके सामने पैदा हुए … उनके सामने उनकी परवरिश हुई. यह क्या बकवास है.’ उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में हार के डर से यह मुद्दा उठा रही है.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में मिली शिकायत के आधार पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें नोटिस जारी कर एक पखवाड़े के भीतर इस पर उनका ‘तथ्यात्मक रूख’ पूछा है.

उन्होंने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव ना लड़ने के बारे में पूछे जाने पर कहा ‘मैं वाराणसी से चुनाव लड़ने के फैसले से पलटी नहीं हूं. मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और उत्तर प्रदेश में संगठन के अपने साथियों से सलाह-मशविरा किया. उनका स्पष्ट मत था कि मुझ पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 सीटों का जिम्मा है और मेरे सभी प्रत्याशी चाहते हैं कि मैं उनके क्षेत्र में जाऊं. मुझे लगा कि अगर मैं किसी एक सीट से चुनाव लड़ी तो उन्हें थोड़ी निराशा होगी.’

इस सवाल पर कि क्या इससे कोई गलत संदेश गया, प्रियंका ने कहा, ‘‘ मैंने वहीं किया जो पार्टी ने कहा. मैं उसके निर्देश को मानती हूं.’’ इस प्रश्न पर कि क्या राहुल गांधी खुद को अमेठी में अपनी जीत का पक्का यकीन ना होने के कारण वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं, कांग्रेस महासचिव ने कहा ‘वह जरा भी असुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. वह वायनाड सीट से भी सिर्फ इसलिये चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि वहां के कार्यकर्ताओं ने इसकी मांग की थी. अमेठी में कांग्रेस के संगठन ने भी इसका समर्थन किया था.’ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर जनता से किये गये वादे पूरा ना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हर राजनेता के दिल में यह डर होना चाहिये कि अगर वह कोई वादा करता है और उसे पूरा नहीं करता तो जनता उसे सबक सिखाएगी.

प्रियंका ने कहा, ‘‘ मैं भदोही के एक गांव में गयी, वहां के लोगों ने मुझसे माइक पर वादा करने को कहा कि मैं वहां पुल बनवाऊंगी. तब मुझे डर लगा क्योंकि मैं नहीं जानती कि सरकार के पास वह पुल बनवाने के लिये संसाधन हैं या नहीं. मैं नहीं जानती कि इतनी बड़ी नदी पर पुल बनना सम्भव है या नहीं। मैंने सोचा कि मैं यह वादा कैसा कर सकती हूं. मेरे दिल में यह जो डर है वह हर राजनेता के दिल में होना चाहिये.’’ अमेठी के दौरे पर आयीं प्रियंका ने एक नुक्कड सभा में ‘किसान सम्मान योजना’ को किसान सम्मान योजना नहीं बल्कि ‘किसान अपमान योजना’ बताया.

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘जहां देखो, जनता का आदर नहीं, अपमान हो रहा है. स्मृति ईरानी: दुनिया भर की मीडिया बुलाकर जूते बंटवाती हैं. ये दिखाने के लिए कि अमेठी की जनता की ये हालत है कि इनके पास जूते ही नहीं हैं.’ प्रियंका ने कहा कि अमेठी की जनता ने कभी भीख नहीं मांगी है. अगर भीख मांगनी है तो नेता वोटों की भीख मांगे.

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू की गयी परियोजनाओं को बंद कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘एनआईएफटी, आईआईआईटी, फूड पार्क, रेल कोच फैक्टरी, सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर … उसने सारा बंद करा दिया.’ प्रियंका ने कहा कि अगर नीयत ठीक थी, अमेठी की जनता की भलाई चाहते तो केन्द्र में सरकार थी और प्रदेश में भी सरकार थी लेकिन इनकी नीयत ठीक नहीं थी. राहुल के प्रोजेक्ट को बंद किया.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह केवल सत्ता की मोह माया में घिरी हुई है. वह केवल यही चाहती है कि वो आगे बढे और उसके उद्योगपति मित्र आगे बढें.

प्रियंका ने कहा, ‘कुछ बडे उद्योगपति हैं … जितनी भी बीमा राशि आपसे ली जाती है … उनका 10 हजार करोड रूपये का फायदा हुआ है किसानों के बीमा से … खेत में या आप पर कोई आपत्ति आती है तो बीमा नहीं मिलता है.’ उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में जो नेता होता है, वह जनता की समस्या समझता है. मेरे पिता जी के समय से आपने यही देखा है कि वह सब समझते थे क्या चाहिए… दूसरी राजनीति इससे अलग है जो समझ से बाहर है. बडे़ बडे़ भाषण देते हैं. हवाई जहाज में कभी अमेरिका कभी जापान चले जाते हैं.’

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