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गौरव यात्रा के बाद अब जन-आशीर्वाद यात्रा पर उठे सवाल, जनता की कमाई के दुरुपयोग का लगाया जा रहा है आरोप

शिवराज सिंह चौहान की जन-आशीर्वाद यात्रा के खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के ग्वालियर खंडपीठ में दायर याचिका में यात्रा को गैरज़रूरी करार देते हुए इसे जनता के पैसे का खुला दुरुपयोग कहा गया।

आने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा जहां अलग-अलग राज्यों में यात्राएं निकालने में लगी है वहीं यात्राओं में सरकारी धन का दुरुपयोग का मामला तूल पकड़ रहा है। राजस्थान में वसुंधरा राजे के गौरव यात्रा को लेकर निकाले गए सरकारी टेंडर में मचे बवाल के बीच अब मध्यप्रदेश में भी शिवराज सिंह चौहान के जन-आशीर्वाद यात्रा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान की जन-आशीर्वाद यात्रा के खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के ग्वालियर खण्डपीठ में एक याचिका दायर की गई है। याचिकर्ता ने इस यात्रा को गैरज़रूरी करार देते हुए इसे जनता के पैसों का खुला दुरुपयोग कहा है।

हिंद किसान के अनुसार याचिकाकर्ता उमेश बोहरे ने कहा, “कोर्ट ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। इस संदर्भ में अलग-अलग विभागों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें चार सप्ताह के अंदर ही जवाब देना है।”

इस मामले के प्रकाश में आने के बाद विपक्षी पार्टियां शिवराज सरकार पर हमलावर हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि इस यात्रा में करोड़ों रुपए की फ़िजूलख़र्ची की गई। वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस यात्रा पर जनता के पैसे ख़र्च किए जा रहे हैं और जिसकी भरपाई आम जनता को ही करनी पड़ेगी।

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