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प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं, सैनिकों के 30 हज़ार करोड़ रुपये चुराकर अनिल अंबानी की जेब में डाल दिएः राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, "यह 30,000 करोड़ रुपये आपके परिवारों को दिया जा सकता था."

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफ़ेल सौदे को लेकर एक बार फिर से प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साधा है. अंग्रेज़ी अखबार द हिंदू की ख़बर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय सौदे को लेकर बातचीत कर रहा था उसी दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय भी अपनी तरफ से फ्रांसीसी पक्ष से बातचीत कर रहा था.

इस नए खुलासे को लेकर कांग्रेस ने आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सीधे तौर पर राफ़ेल डील में हस्तक्षेप किया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एचएएल की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को डील दिलवाई.

कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद ने स्पष्ट कहा कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये दे दो. उन्होंने कहा, “यह 30,000 करोड़ रुपये आपके परिवारों को दिया जा सकता था.”

राहुल गांधी ने कहा कि राफ़ेल सौदे को लेकर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने झूठ बोला था. जवानों के विषय में जिक्र करते हुए उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को तो एक बुलेट प्रूफ जैकेट दिया और अनिल अंबानी को 30 हज़ार करोड़ रुपए दे दिए. राहुल गांधी ने कहा कि राफ़ेल सौदे में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है, “चौकीदार चोर है”.

राहुल ने कहा, “कल पीएम मोदी ने लंबा भाषण दिया लेकिन वे इस बारे में क्यों नहीं बोलते हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब रक्षा मंत्रालय भी कह रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राफ़ेल मामले में बातचीत की है. उन्होंने कहा कि वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों से पता चलता है कि भारत के प्रधानमंत्री फ्रांस के साथ समानांतर बातचीत कर रहे थे.

उन्होंने एक बार फिर कहा कि पूरी तरह साफ है कि चौकीदार चोर है.  राहुल गांधी ने कहा कि मैं मनोहर पर्रिकर जी से मिला था लेकिन राफ़ेल सौदे के विषय में कोई बात नहीं हुई.

ग़ौरतबल है कि अंग्रेज़ी अखबार द हिंदू की ख़बर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय सौदे को लेकर बातचीत कर रही रहा था उसी दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय भी अपनी तरफ से फ्रांसीसी पक्ष से बातचीत कर रहा था. अखबार के मुताबिक 24 नवंबर 2015 को रक्षा मंत्रायल के एक नोट में कहा गया कि पीएमओ के दखल की वजह से बातचीत कर रहे भारतीय दल और रक्षा मंत्रायल की पोज़ीशन कमज़ोर हुई.

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को जितनी जांच करवानी है कर लें. आप चिदंबरम या वाड्रा पर जांच करिए लेकिन आप राफ़ेल सौद पर भी जवाब दीजिए. उन्होंने कहा कि मैं ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता लेकिन मैं यह कहने के लिए मजबूर हूं कि प्रधानमंत्री चोर हैं.

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