कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गई राफ़ेल घोटाले की फ़ाइल, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोया दु:खड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने राफ़ेल मामले की सुनवाई 14 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है.

राफ़ेल घोटाले में नई सच्चाई सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने बताया है कि इस सौदे से जुड़ी कुछ अहम फाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गई हैं. इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ डाली गई याचिका से संबंधित काग़जात उसी फ़ाइल में थे.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सुप्रीम कोर्ट में राफ़ेल सौदे को लेकर याचिका डाली थी. इस याचिका में अपील की गई थी कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कई जानकारियां छिपाईं, जिसके आधार पर बीते दिसम्बर में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाया था.

द टेलीग्राफ़ के मुताबिक जब याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने द हिन्दू के पत्रकार एन. राम की रिपोर्ट का हवाला दिया तो सरकार की तरफ़ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल के.के वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया और कहा कि यह जानकारी एक चोरी की गई दस्तावेज़ पर आधारित है. उन्होंने कहा कि दस्तावेज की चोरी पर जांच की जा रही है.

के.के वेणुगोपाल ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार द्वारा राफ़ेल सौदे पर पहली रिपोर्ट 8 फरवरी को निकाली गई थी और बुधवार, 6 फरवरी को भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. उनका कहना था कि कोर्ट की सुनवाई को प्रभावित करने के लिए द हिन्दू ने ऐसा किया है.

अटॉर्नी जनरल ने राफ़ेल सौदे में डाली गई याचिकाओं को ख़ारिज़ करने की मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जब द हिन्दू की रिपोर्ट को चोरी किए गए दस्तावेज से लिया गया बताया गया है, तो सरकार ने इस मामले में अब तक क्या किया है.

याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा है कि जब राफ़ेल सौदे में जांच और एफ़आईआर के लिए याचिका डाली गई, तब इसके कई तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि याचिका को ख़ारिज़ नहीं की जाए.

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने राफ़ेल मामले की सुनवाई 14 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+