कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मणिपुर: जेल भेजे गए पत्रकार को मिला राहुल का साथ, बोले- असहमति को दबाने की कोशिश कर रही मोदी सरकार

मणिपुर सरकार ने पत्रकार किशोर चंद्र वांगखेम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत एक साल के लिए जेल भेजा है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर में भाजपा सरकार द्वारा जेल भेजे गए पत्रकार किशोर चंद्र वांगखेम को पत्र लिखकर अपना समर्थन दिया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए स्टेट मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष टी.एन हॉकिप ने पत्रकार वांगखेम की पत्नी एलांगबाम रंजीता को राहुल गांधी की चिट्ठी सौंपी. इसमें राहुल ने लिखा है, “राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत आपकी गिरफ़्तारी की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले का दूसरा प्रयास है. कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा है, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार सवाल पूछने वालों को जेल भेज रही है. कांग्रेस पार्टी किशोरचंद्र वांगखेम के साथ मजबूती से खड़ी है और हम उनकी हर संभव मदद करेंगे.”

39 वर्षीय पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम ने बीते 19 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक विडियो पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. वीरेन सिंह को प्रधानमंत्री मोदी की कठपुतली बताया था.  इसके बाद पुलिस ने उन्हें 20 नवंबर को गिरफ़्तार कर लिया. 26 दिसंबर को उनकी रिहाई कर दी गई, इसके एक दिन बाद राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उन्हें एक साल के लिए जेल भेजा गया है.

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