कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

राहुल गांधी ने कसा तंज, कहा- “सोहराबुद्दीन शेख और जज लोया को किसी ने नहीं मारा, खुद ही चल बसे”

इन कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामलों के मुख्य जांच अधिकारी ने सीबीआई की विशेष अदालत से कहा था कि सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति की हत्या में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुख्य षड्यंत्रकारी थे.

सोहराबुद्दीन शेख कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में सीबीआई कोर्ट द्वारा सभी 22 आरोपियों को बरी किए जाने पर राहुल गांधी ने बयान दिया है. राहुल ने कहा है कि हरेन पांड्या, जज लोया, सोहराबुद्दीन शेख जैसे लोगों की हत्या किसी ने भी नहीं की, बल्कि वे खुद ही चल बसे. राहुल गांधी ने जिन लोगों का नाम लेकर ट्वीट किया है उन सभी की हत्या के तार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से जुड़े हुए बताए जाते हैं.

राहुल गांधी ने लिखा कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री हरेन पांड्या, जज लोया, प्रकाश थोंबरे (जज लोया के सहयोगी), श्रीकांत खंडालकर, तुलसीराम प्रजापति, सोहराबुद्दीन शेख और कौसर बी को किसी ने नहीं मारा था. वे खुद ही चल बसे.

22 दिसंबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने सोहराबुद्दीन शेख कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में सभी आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया था.

इधर, बीते 21 नवंबर को इन कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामलों के मुख्य जांच अधिकारी संदीप तमगड़े ने सीबीआई की विशेष अदालत से कहा था कि सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति की हत्या में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुख्य षड्यंत्रकारी थे. उन्होंने कहा था, “हमने अपनी जांच में पाया है कि इन मुठभेड़ों का षड्यंत्र अमित शाह, डी जी बंजारा, राजकुमार पांडियन और एम.एन दिनेश ने रचा था.” बता दें कि इन चारों आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने पहले ही बरी कर दिया है.

ग़ौरतलब है कि 26 नवंबर 2005 को सोहराबुद्दीन शेख को एक कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मार दिया गया. इसके बाद शेख की पत्नी कौसर बी की भी हत्या कर दी गई.  इन मुठभेड़ों के चश्मदीद रहे तुलसीराम प्रजापति को दिसंबर 2006 में कथित रूप से राजस्थान और गुजरात की पुलिस ने मार डाला. सोहराबुद्दीन शेख फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले को देख रहे जज लोया की संदेहास्पद मौत मामले में भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम सामने आया था.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+