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रवीश कुमार को मिला एशिया का नोबल “रेमन मैग्सेसे पुरस्कार”, बेआवाज़ों की आवाज़ बनने के लिए मिला सम्मान

इससे पहले रवीश को कुलदीप नैय्यर सम्मान, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार और रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिल चुका है.

एनडीटीवी के जाने माने पत्रकार रवीश कुमार को 2019 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार मिला है. रेमन मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया का नोबल कहा जाता है. हिन्दी टीवी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है. रवीश कुमार वंचितों की आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते हैं.

रेमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन ने ट्वीट कर कहा कि यह सम्मान, “बेआवाज़ों की आवाज़ बनने के लिए दिया गया है.”

बता दें कि रवीश कुमार 1996 से ही पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत एनडीटीवी में चिट्ठी छांटने से की थी. इसके बाद रवीश की रिपोर्ट से उन्हें लोकप्रियता हासिल हुई.

अपने इस कार्यक्रम में रवीश कुमार ने पिछड़े तबकों और आम लोगों की समस्याओं को दिखाया है. रवीश फिलहाल प्राइम टाइम नामक शो करते हैं.

अपनी बेबाक पत्रकारिता की वज़ह से रवीश कुमार 2014 के बाद से ही मोदी सरकार के प्रशंसकों के निशाने पर रहे हैं. उन्होंने सरकार से लगातार सवाल पूछे हैं.

पिछले कुछ सालों में रवीश कुमार ने विश्वविद्यालय सीरीज, शिक्षा सीरीज और नौकरी सीरीज चलाकर युवाओं की समस्याओं को उठाया है.

इससे पहले रवीश को कुलदीप नैय्यर सम्मान, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार और रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिल चुका है.

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