कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सवर्णों को आरक्षण: केजरीवाल बोले- अब संविधान में संशोधन करे सरकार, नहीं तो यह महज़ चुनावी जुमला

आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने से पहले संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी.

नरेन्द्र मोदी सरकार ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े सभी धर्म के पिछड़ों को आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. चुनाव का आचार संहिता लागू होने से चंद महीने पहले सरकार का यह फ़ैसला महज चुनावी स्टंट की तरह दिखता है.

सरकार के इस फ़ैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि वह गरीब और पिछड़ों के हित के लिए सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम का स्वागत करती है. इसके साथ ही कांग्रेस ने इस फ़ैसले की संवैधानिक चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि मैं सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत करता हूं. सरकार को संसद के सत्र का विस्तार कर संविधान में संशोधन करना चाहिए. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह महज एक चुनावी स्टंट कहा जाएगा.

सरकार के इस फ़ैसले पर पत्रकार अंकुर भारद्वाज का कहना है कि शीतकालीन सत्र के दो दिन बचे होने पर सरकार ने यह फ़ैसला किया है. इसके लिए सरकार संविधान संशोधन विधेयक ला रही है? उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में नौकरियां देने और अन्य मुद्दे पर विफ़ल होने के कारण मोदी सरकार ने जनता को यह लॉलीपॉप थमाने की कोशिश की है.

न्यूज़सेंट्रल24x7 को योगदान दें और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करें
You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+