कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

आरएसएस राष्ट्र विरोधी है, वह भारत के स्वधर्म के ख़िलाफ़ है- योगेंद्र यादव

योगेन्द्र यादव ने पुछा, क्या आरएसएस दूसरों को भारतीय होने न होने का प्रमाण पत्र देने से पहले ख़ुद भारतीय बनना चाहती है?

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि राइट विंग हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक ‘राष्ट्र विरोधी (एंटी-नेशनल)’ संगठन है क्योंकि ये ‘भारत के स्वधर्म’ के ख़िलाफ़ है।

यादव ने ट्वीटर के मध्यम से आरएसएस पर हमला करते हुए लिखा, “उनकी (आरएसएस) की समस्या यह नहीं है कि वे मुस्लिम विरोधी हैं बल्कि यह है कि वे राष्ट्र विरोधी हैं।”

लेकिन जब एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने यादव पर आरएसएस के बारे में निराधार टिप्पणी करने का आरोप लगाया तब यादव ने दावा किया कि उन्होंने संगठन को अंदर और बाहर दोनों तरफ से देखा है। लेकिन व्यक्तिगत पसंद को सच बताने के आड़े नहीं ला सकता कि आरएसएस भारत के स्वधर्म के ख़िलाफ़ है।

बीते मंगलवार को यादव एक टेलीविज़न कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमे इस विषय पर बहस हो रही थी कि “क्या आरएसएस अपने छवि बदलाव का प्रयास कर रहा है?” बहस के दौरान यादव ने कहा, “उसका विचारधारात्मक सिद्धांत यूरोप से लिया गया है। यह विचारधारा पूरी तरह से आयात की हुई है और यह भारत का नहीं है। उनकी हिन्दू धर्म की अवधारणा इसाई धर्म और इस्लाम का ही नक़ल है। इसलिए क्या आरएसएस दूसरों को भारतीय होने न होने का प्रमाण पत्र देने से पहले ख़ुद भारतीय बनना चाहती है? मैं जो सवाल पूछना चाहता हूँ वह यह है कि क्या आरएसएस ख़ुद भारतीय है?”

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