कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मध्यप्रदेश में नहीं हुई थी RSS कार्यकर्ता की हत्या, बीमा का पैसे लेने के लिए संघ के नेता ने हमशक्ल की हत्या की

डीएनए रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ है.

जिस आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या को लेकर भाजपा और कट्टर हिन्दुत्ववादी संगठनों ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर राजनीतिक हत्याओं का आरोप लगाया था, असल में उसने खुद ही अपनी हत्या की साजिश रची थी.

बीते बुधवार को रतलाम में कथित रूप से हिम्मत पाटीदार नाम के आरएसएस कार्यकर्ता की एक खेत में लाश मिलने के बाद से ही भाजपा, कांग्रेस पर हमलावर रही थी. मगर पुलिस की जांच में और लाश की डीएनए रिपोर्ट से पता चला है कि मरने वाला गांव का ही मदन मालवीय नामक शख्स था.

इस हत्या के बाद से ही मदन गायब था. इसलिए पुलिस उसे हत्यारोपी मानकर उसकी भी तलाश कर रही थी.

न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक डीएनए जांच के बाद जब पुलिस ने इस मामले की दूसरे पहलू से जांच की तो पाया कि संघ के शिवपुर मंडल के पूर्व कार्यवाहक हिम्मत पाटीदार पर दस लाख रुपए का कर्ज़ था, साथ ही दिसंबर में ही उसने अपना बीस लाख का बीमा भी कराया था.

इसी बीमे की राशि को पाने और कर्ज़ से छुटकारे के लिए हिम्मत ने अपनी हत्या की साजिश रची और और गांव के ही अपने पुराने नौकर मदन मालवीय की हत्या करके लाश की पहचान छिपा दी. मदन और हिम्मत की कदकाठी एक सी होने पर किसी को शक भी नहीं हुआ.

 

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