कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सबरीमाला मंदिर में महिलाएं: विरोध प्रदर्शन तेज, कई वाहनों के साथ तोड़फोड़, मीडियाकर्मियों पर हमला

विरोध कर रहे संगठनों ने सामूहिक आत्मदाह और तोड़फोड़ की धमकियां दी हैं। इसके साथ ही मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से आक्रोशित संगठनों ने कई वाहनों के साथ तोड़फोड़ करने के साथ-साथ मीडियाकर्मियों पर हमला किया है।

लंबे इंतजार के बाद आज शाम 5 बजे केरल के सबरीमला मंदिर के कपाट हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इतिहास में पहली बार महिलाएं इस मंदिर में प्रवेश कर पाएंगी। एक तरफ जहां सदियों बाद मिले इस अधिकार को लेकर महिलाओं में उत्साह है। वहीं दूसरी तरफ मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विरोध भी बढ़ता जा रहा है। विरोध कर रहे संगठनों ने सामूहिक आत्मदाह और तोड़फोड़ की धमकियां दी हैं। इसके साथ ही मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से आक्रोशित संगठनों ने कई वाहनों के साथ तोड़फोड़ करने के साथ-साथ मीडियाकर्मियों पर हमला किया है।
जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक़ सबरीमला आचार संरक्षण समिति द्वारा महिलाओं के प्रवेश के ख़िलाफ़ लगाए गए तंबू को पुलिस ने हटा दिया है। प्रदर्शन कर रहे नारायणन ने कहा, ‘‘भगवान अयप्पा हमारे भगवान हैं। किसी खास आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हमारे रीति-रिवाज का हिस्सा है। इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अशुद्ध महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की इजाज़त नहीं देनी चाहिए।’’
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया, जिसके कारण कई प्रदर्शनकारी भाग गए। पुलिस ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विरोध कर रही 50 महिलाओं को पथानमथिट्टा ज़िले से गिरफ्तार किया है। इन प्रदर्शनकारियों में त्रावणकोर देवसम बोर्ड के अध्यक्ष प्रयर गोपालकृष्णन भी शामिल हैं।
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के रहने वाले माधविम और केरल के एक पत्रकार लिबी ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन, उन्हें वापस जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ‘सेव सबरीमाला’ कैंपेन चलाने वाले राहुल ईश्वर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने सीएनएन की तरफ से आए मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बसों और मीडिया वैन पर पथराव व तोड़फोड़ भी की है। प्रदर्शनकारी मंदिर में प्रवेश करने के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को रास्ते से वापस लौटा रहे हैं। मंदिर के आस-पास 50 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
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