कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सबरीमला मंदिर जा रही सामाजिक कार्यकर्ता के घर पर हमला, तोडफ़ोड़

फ़ातिमा उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने अयप्पा मंदिर जाने की कोशिश की थी लेकिन विरोध के कारण नहीं जा सकीं।

सबरीमला में शुक्रवार को अयप्पा मंदिर पहुंचने का प्रयास करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा के घर पर अज्ञात लोगों ने कथित रूप से तोड़फोड़ की। पुलिस ने यह जानकारी दी। फ़ातिमा ने कड़ी पुलिस सुरक्षा में मंदिर में पहुंचने का असफल प्रयास किया था।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि हमलावर उस समय यहां पनामबिली नगर स्थित फातिमा के घर पहुंचे जब वह पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी। फ़ातिमा उन महिलाओं में शामिल थीं जो पहाड़ी की चोटी पर पहुंची थी लेकिन गर्भगृह की ओर जाने वाली 18 पवित्र सीढ़ियों से कुछ ही मीटर दूर अयप्पा श्रद्धालुओं ने उन्हें रोक दिया और उन्हें गर्भगृह में पहुंचने से पहले ही वापस लौटना पड़ा।

फ़ातिमा और हैदराबाद की एक पत्रकार कविता को कड़ी पुलिस सुरक्षा में पहाड़ी पर ले जाया गया था। 46 वर्षीय एक महिला ने भी पम्बा से पांच किलोमीटर दूर मंदिर परिसर में जाने का प्रयास किया लेकिन श्रद्धालुओं के विरोध के कारण उन्हें लौटना पडा था। यह महिला तिरुवनंतपुरम जिले के कझाकुट्टम की रहने वाली है और उनके घरों पर भी अज्ञात लोगों ने कथित रूप से हमला किया।

महिला के थुम्बा और मुरुकुमपुझा में स्थित घरों पर कथित रूप से हमले किये गये। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने हाल के अपने फैसले में सबरीमला मंदिर में 10-50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी।

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