कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सबरीमाला मंदिर: प्रदर्शकारियों ने महिला पत्रकार को लौटने पर मजबूर किया

महिला पत्रकार किसी विदेशी मीडिया कंपनी के लिए काम करती है।

भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन के लिए पम्बा के रास्ते सबरीमला पहाड़ी पर चढ़ रही दिल्ली की एक महिला पत्रकार को श्रद्धालुओं ने बीच रास्ते से लौटने पर मजबूर कर दिया। श्रद्धालु मंदिर में रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे हैं। अयप्पा श्रद्धालुओं के तेज होते प्रदर्शन के कारण अपने विदेशी सहकर्मी के साथ मंदिर जा रही महिला पत्रकार को पहाड़ी से नीचे उतरना पड़ा। महिला पत्रकार किसी विदेशी मीडिया कंपनी के लिए काम करती है।

महिला पत्रकार के पीछे पीछे पहाड़ी पर चढ़ रहे मलयालम समाचार चैनलों के संवाददाताओं ने बताया कि श्रद्धालु ‘‘महिलाओं, वापस जाओ’’ के नारे लगा रहे थे। खबरों के अनुसार, कुछ लोगों ने तो इस प्राचीन मंदिर में महिला के प्रवेश का विरोध करते हुए उसे गालियां भी दीं। पुलिस ने हालांकि, महिला पत्रकार और उसके सहकर्मी के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया हुआ था।

स्थानीय टीवी चैनलों के अनुसार, महिला की उम्र करीब 45 साल के आसपास होगी। हालांकि उसकी उम्र की पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह पत्रकार है और अपनी पेशेवर ड्यूटी के कारण मंदिर जा रही है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने महिला से उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही, लेकिन उसने पहाड़ी पर आगे चढ़ने से इंकार कर दिया।

पत्रकार और उनके सहकर्मी को बाद में पम्बा थाने ले जाया गया। यदि पत्रकार पहाड़ी चढ़कर मंदिर पहुंच जाती तो 28 सितंबर को आए उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयप्पा स्वामी मंदिर में भगवान के दर्शन करने वाली वह रजस्वला आयु वर्ग की पहली महिला होती।

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