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आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को बढ़ावा दे रहा EC: चुनाव आयोग पर बरसे सीताराम येचुरी

सीताराम येचुरी ने कहा, “नरेंद्र मोदी की तरफ से आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन की शिकायतों से निपटने के चुनाव आयोग के तरीके को लेकर पूरे देश में चिंता बढ़ रही है.”

भारतीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में प्रधानमंत्री को क्लीन चिट देने को लेकर चुनाव आयोग पर बरसते हुए बुधवार को कहा कि ऐसे मामलों से निपटने का आयोग का तरीका उल्लंघन करने वालों को बढ़ावा  देने जैसा है.

येचुरी ने चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में कहा, “नरेंद्र मोदी की तरफ से आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन की शिकायतों से निपटने के चुनाव आयोग के तरीके को लेकर पूरे देश में चिंता बढ़ रही है.”

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी को वर्धा में दिए गए उनके भाषण के लिए मंगलवार को क्लीन चिट दे दी थी. इस भाषण में मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से लड़ने पर निशाना साधा था और “इशारा” किया था कि केरल निर्वाचन क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है.

खबरों का हवाला देते हुए येचुरी ने यह बताने की कोशिश की कि कैसे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से उनके चुनावी भाषणों को तैयार करने के लिए जानकारी जुटाने के संबंध में विभिन्न मंत्रालयों के साथ ही राज्य एवं जिला प्रशासनों से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए सरकारी तंत्र का कथित उपयोग किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “हम पहले की ही तरह वही सवाल पूछना चाहते हैं. आदर्श आचार संहिता के उल्लंघनों से निपटने के मामले में चुनाव आयोग न सिर्फ लड़खड़ाता हुआ लग रहा है बल्कि इन मामलों को उस गति से देख रहा है जो उल्लंघन करने वालों को बढ़ावा दे रहा है और ‘न्याय में देरी’ ‘न्याय न मिलने’ की धारणा का उदाहरण पेश कर रहा है.

येचुरी ने कहा, “इसलिए सवाल यह है कि नरेंद्र मोदी जो उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं एवं भाजपा के स्टार प्रचारक हैं, उनके संबंध में आचार संहिता लागू करने का तरीका महज इसलिए अलग होना चाहिए क्योंकि वह मौजूदा प्रधानमंत्री हैं?”

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