कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ISIS के ऊपर किए गए नुक्कड़ नाटक के विडियो के जरिए सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय को बनाया गया निशाना

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

औरत को आसमानी ज्ञान वाले लोग कितना सम्मान देते है इस वीडियो से पता चल जाता है, जैसे सब्जी मंडी में सब्जियों की बोली लगाई जाती है वैसा ही शांतिदूत लोग करते हैं।

उपरोक्त संदेश को ट्विटर पर एक वीडियो के साथ साझा किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को अरबी भाषा में माइक्रोफोन में कुछ बोलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में, बुर्का पहनी हुई कुछ महिलाओं कतार में खड़ी है। वीडियो के नीचे स्क्रीन पर सबटाइटल भी दिख रहे है, जिसमें लिखा है,

“हमारे पास यज़ीदी महिलाएं हैं, कुर्दी महिलाएं हैं, और हमारे पास ईसाई भी हैं। इन्हे पाना आपके लिए अब दाहिने हाथ का काम है, आइए और अपने गुलाम को ले जाईए। खुद के लिए एक सेक्स गुलाम रखिए। हमारे बहादुर सिपाही, बहादुर इस्लामिक स्टेट के लड़ाके इन इलाकों में गए और अपने मुर्तदीन (काफिर) बदमाश को मार डाला ताकि आज आप उनकी महिलाओ को पा सकते हैं। तकबीर, तकबीर, तकबीर (अल्लाह महान है)…”-(अनुवाद)।

इसके बाद, महिलाओं की नीलामी शुरू होती है और वहां जमा हुए लोगों को कोबाने से 13 साल की ‘आयशा’ की कीमत लगाते हुए सुना जा सकता है। इसके आगे अन्य महिलाओं की नीलामी होती है। यह पूरा वीडियो 2:20 मिनट का है।

इस वीडियो को एक व्यंगपूर्ण संदेश के साथ पोस्ट किया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें ‘शांतिदूत लोग’ कहा गया है। यह ट्वीट 22 जुलाई का है।

सच क्या है?

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए संबधित की-वर्ड्स से सर्च किया तो हमें 20 अक्टूबर, 2014 को BBC न्यूज़ द्वारा प्रकाशित एक लेख मिला। इस लेख का शीर्षक,“लंदन में इस्लामिक स्टेट के गुलाम की नीलामी करने का नाटक”-(अनुवाद) था और इसमें ट्विटर पर साझा वीडियो के समान 16 सेकंड का एक वीडियो क्लिप भी शामिल है।

यह वीडियो लंदन के लीसेस्टर चौक पर रिकॉर्ड किया था। लेख के मुताबिक,

“कुर्दिश कार्यकर्ताओं द्वारा इस्लामिक स्टेट के खिलाफ बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया अभियान जारी है – यूट्यूब पर “इस्लामिक स्टेट सेक्स स्लेव मार्केट” लंदन के केंद्र भाग में नाटक के इस वीडियो को दस लाख से अधिक बार देखा गया।”

वीडियो में इस समूह के मुखिया को माइक्रोफोन में कुछ बोलते हुए सुना जा सकता है। उनके पीछे बुर्का पहनकर कतार में खड़ी हुई महिलाओं के समूह को देखा जा सकता है। वह व्यक्ति घोषणा करता है कि, “हमारे पास आपके लिए चार महिलाएं है”-(अनुवाद), आगे कहता है-“और हम उन्हें इस्लामिक स्टेट के सौजन्य बेच रहे हैं”(अनुवाद)।

इसे 14 अक्टूबर को लिया गया था, इस कार्य का आयोजन कम्पैशन फॉर कुर्दिस्तान नामक एक कुर्दी प्रवासियों के समूह द्वारा किया गया था, जो इराक में आईएस की कथित कार्यवाहियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसे अब तक 250,000 से ज्यादा बार देखा जा चूका है। उसी रात को, इस समूह ने डाउनिंग स्ट्रीट और संसद के सदनों के बाहर भी अपने नाटक का प्रदर्शन किया था”-(अनुवाद)।

यह वीडियो 2014 में कूर्द प्रदर्शनकारियों द्वारा सेक्स स्लेव नीलामी के नाटक का है। इराक में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों द्वारा किए गए अत्याचारों पर इससे प्रकाश डालने की कोशिश की गई है, जब आतंकी संगठन चरम पर थे, और इराक और सीरिया के बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया गया था। यह ध्यान देने योग्य है कि यह एक नाटक का वीडियो है। इस कार्यक्रम के मूल वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जो फ़िलहाल मौजूद नहीं है

ISIS द्वारा महिलाओं को गुलाम बनाना

ISIS द्वारा महिलाओं को अगवा करना और उन्हें गुलाम बनाना कोई गुप्त बात नहीं है। CNN के मुताबिक, ISIS ने अपने अंग्रेजी भाषा के प्रकाशनदबीक (Dabiq ) में एक लेख प्रकाशित किया था, जिसका शीर्षक है “एक घंटे के भीतर गुलामी का पुनर्जीवन”-(अनुवाद), जिसमें इस्लामिक कानून का हवाला देते हुए महिलाओं की गुलामी को उचित बताया है। इसे द न्यू यॉर्क टाइम्स ने भी प्रकाशित किया था। अन्य कई रिपोर्ट में ISIS द्वारा महिलाओं  को अगवा करने की डरावनी कहानियों और उन्हें गुलाम बनने के लिए मज़बूर करने की घटना को प्रकाशित किया गया है। 2014 की संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई थी, जिसमें कहा गया था कि यज़ीदियों को सबसे ज़्यादा निशाना बनाया गया है।

निष्कर्ष के तौर पर, ट्विटर पर पोस्ट किया गया वीडियो ISIS सेक्स स्लेव की नीलामी करने का एक नाटकीय वीडियो है, जिसे ISIS के विरोध में 2014 में लंदन में एक कुर्द समूह द्वारा प्रदर्शित किया गया था।

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