कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ये रहे अच्छे दिन: सफ़ाई कर्मचारी के 14 पदों के लिए 4600 से ज्यादा MBA और इंजीनियरों ने किया आवेदन

मोदी सरकार में नोटबंदी और जीएसटी जैसे फ़ैसले ने रोजग़ार की संभावनाओं की कमर तोड़ दी है.

देश में बेरोज़गारी ने चिंताजनक रूप अख़्तियार कर लिया है. इसका प्रमाण तमिलनाडु विधानसभा में सफाईकर्मियों की वैकेंसी में देखा गया. सफ़ाई कर्मी के 14 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में बी.टेक और एम.टेक पास इंजीनियरों ने आवेदन डाल दिया.

इंडिया टाइम्स की ख़बर के अनुसार तमिलनाडु विधानसभा के सचिवालय में सफ़ाई कर्मियों के पद पर एम.टेक, बी.टेक और एमबीए पास अभ्यर्थियों ने आवेदन किया. कुल रिक्तियों की संख्या 14 थी. इसके लिए एकमात्र योग्यता थी कि आवेदनकर्ता शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त हो. इस पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 साल की रखी गई थी और अधिकतम आयु की सीमा अलग-अलग पदों के लिए अलग थी. यह वैकेंसी 26 सितंबर 2018 को निकाली गई थी. सभी प्राप्त आवेदनों में से 677 आवेदनों को छांट दिया गया.

बता दें कि देश में बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है. मौजूदा मोदी सरकार में नोटबंदी और जीएसटी जैसे फ़ैसले ने रोजग़ार की संभावनाओं की कमर तोड़ दी है. हाल ही में एनएसएसओ की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि 2017-18 में बेरोज़गारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक स्तर पर है. एक तरफ़ बेरोज़गारी के शर्मनाक आंकड़े पेश करते हैं, दूसरी तरफ़ मोदी सरकार के मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में कहा था कि अगर देश में बेरोज़गारी बढ़ी होती तो अभी तक समाज में तनाव छा चुका होता और कोई बड़ा आंदोलन हुआ रहता.

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