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13 प्वाइंट रोस्टर पर अध्यादेश ना लाने पर जातिवादी सरकार की ई़ंट से ईंट बजा देंगे- तेजस्वी यादव

तेजस्वी ने कहा- 13 प्वाइंट रोस्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन ख़ारिज होने के बावजूद भी सरकार अध्यादेश नहीं ला रही है.

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 13 प्वाइंट रोस्टर मामले पर ट्वीट के माध्यम से एक बार फिर मोदी सरकार पर हल्ला बोला है.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि, “मोदी सरकार ने उच्च शिक्षा में लगभग आरक्षण समाप्त किया. 13 प्वाइंट रोस्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन ख़ारिज होने के बावजूद भी सरकार अध्यादेश नहीं ला रही है. सरकार अविलंब अध्यादेश लाए नहीं तो SC/ST/OBC मिलकर इस जातिवादी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे.”

बता दें कि कुछ ही दिनों पहले तेजस्वी यादव इस मामले में पीएम मोदी को खुला पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने आरक्षण के मुद्दे को उठाया था. उन्होंने सरकार पर 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे संविधान प्रदत आरक्षण की धज्जियां उड़ायी जा रही है.

पीएम को लिखे पत्र मे तेजस्वी ने कहा कि “पहले विश्वविद्यालय के युनिट मानकर 200 प्वाइंट रोस्टर के जरिए बहाली होती थी. लेकिन 13 प्वाइंट के विभागवार रोस्टर की साजिश अपनाई गयी है. तेजस्वी ने कहा कि 13 प्वाइंट रोस्टर लागू होने से आदिवासी को नेशन इमेजिनेशन से ही बाहर कर दिया है. यह आरक्षण की हत्या जैसी है.”

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दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साल 2017 में यूजीसी द्वारा शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए संस्थान के आधार पर आरक्षण का निर्धारण करने के सर्कलुर को खारिज कर दिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी गई थी.

हालांकि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप ना करते हुए यूजीसी को विभाग के आधार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षित पदों के लिए सर्कुलर जारी करने को कहा था.

क्या है 13 प्वाइंट रोस्टर मामला

13 प्वाइंट रोस्टर के उलट पुराने नियम यानी 200 प्वाइंट रोस्टर के तहत विश्वविद्यालय को एक यूनिट माना गया है. जिसके तहत 1 से 200 पद के लिए 49.5 फीसदी आरक्षित वर्ग और 50.5 फीसदी अनारक्षित वर्ग के हिसाब से भर्ती की व्यवस्था की गई थी. लिहाजा विपक्ष ने मंत्रालय से मांग की है कि सरकार अध्यादेश लाकर 200 प्वाइंट रोस्टर के नियम को फिर लागू करे. तब तक सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी गयी थी.

बता दें कि 13 प्वाइंट रोस्टर में विश्वविद्यालय को यूनिट मानने के बजाय विभाग को यूनिट माना गया है. इसके तहत विभाग द्वारा निकलने वाला पहला, दूसरा और तीसरा पद सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है. जबकि चौथा पद ओबीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित है, पांचवां और छठा पद फिर से सामान्य वर्ग के लिए रखा गया. इसके बाद 7वां पद अनुसूचित जाति के लिए, 8वां पद फिर से ओबीसी के लिए, फिर नौवां, दसवां, ग्यारहवां पद सामान्य वर्ग के लिए.

12वां पद ओबीसी के लिए, 13वां पद फिर सामान्य के लिए और 14वां पद अनुसूचित जाति के आरक्षित है. इस लिहाज से देखा जाए तो ओबीसी कैटेगरी का नंबर तब आएगा जब विभाग में 4 पद या उससे ज्यादा की भर्ती हो. इसी तरह अनुसूचित जाति का नंबर 7 पदों की भर्ती होने पर ही आएगा जबकि अनुसूचित जाति का नंबर तब आएगा जब किसी विभाग में 14 पदों के लिए नियुक्ति हो.

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