कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

प्रधानमंत्री के नाम ट्विटर यूजर्स का “फ़तवा” – झूठ छोड़कर देशहित में ध्यान दीजिए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को सांप्रदायिक रंग देने के बाद ट्विटर यूजर्स ने प्रधानमंत्री की जमकर क्लास लगाई.

सीकर में प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद ट्विटर यूजर्स ने पूछना शुरू कर दिया कि विकास की बात करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और अच्छे दिन के जुमले से किनारा क्यों कर लिया.

@sardalpatel_ नाम के हैंडल ने ट्विट किया कि यूनेस्को ने प्रधानमंत्री मोदी को सबसे बड़ा झूठा बताया है.

महेश लांगा ने लिखा कि मोदी के लिए 2019 में विकास का मतलब इस तरह के सांप्रदायिक बयान हैं.

सचिन टंडन ने लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय में एक झूठा व्यक्ति बैठा है जिसके कारण उस कार्यालय की भी गरिमा को ठेस पहुंच रही है.

@rural_india नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान नहीं दिया था, लेकिन आपने भाषण में झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है, जो अब नहीं चलने वाली.

इधर कुछ यूजर्स ने अपने अंदाज में प्रधानमंत्री के नाम फतवा जारी किया.

फरीद ने लिखा कि देश प्रधानमंत्री पर फतवा जारी कर कहता है कि उन्हें चुनावी रैलियों के बजाय देशहित पर ध्यान देना चाहिए.

पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा कि महिलाएं प्रधानमंत्री के ऊपर फतवा जारी करती हैं कि प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को ट्विटर पर फॉलो करना बंद करें जो महिलाओं को रेप की धमकियां देते हैं.

और तुफ़ैल अहमद ने लिखा कि यह बात स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन सांप्रदायिक बयानों के बिना चुनाव नहीं जीत सकते.

https://twitter.com/tufailelif/status/1069920115972562946

राजस्थान के सीकर में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए उन्होंने राहुल गांधी के बयान को लेकर झूठ बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने उनपर फतवा जारी किया है कि उन्हें भारत माता की जय से अपनी रैली की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.

ग़ौरतलब है कि राजस्थान के सीकर में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस फतवा लेकर आई है कि मुझे भारत माता की जय के साथ रैलियों को शुरू नहीं करना चाहिए. वे इससे कैसे इनकार कर सकते हैं. कांग्रेस को ऐसी बात कहने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए. यह हमारी मातृभूमि का अपमान है.”

जबकि राहुल गांधी ने अपने मूल भाषण में कहा था कि प्रधानमंत्री “भारत माता की जय” के साथ हर भाषण शुरू करते हैं. लेकिन, अनिल अंबानी, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी जैसे उद्योगपति के लिए काम करते हैं. गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को अनिल अंबानी की जय, मेहुल चौकसी की जय, नीरव मोदी की जय’ के साथ अपना भाषण शुरू करना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के बयान में फतवा शब्द जोड़कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की थी.

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