कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

अपने हुए पराए: भाजपा की दो सहयोगी पार्टियों ने दी गठबंधन तोड़ने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में अपना दल और सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी ने गठबंधन तोड़ने की चेतावनी दी है.

लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को अपने सहयोगी दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) और अपना दल ने भाजपा को सहयोगी दलों के साथ व्यवहार बदलने की चेतावनी दी है.

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि अगर भाजपा उनके पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करेगी तो उनकी पार्टी कोई भी निर्णय ले सकती है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 27 प्रतिशत ओबीसी कोटे की मांग पूरी करने के लिए भाजपा को 100 दिनों का समय दिया है. राजभर ने कहा कि हर चुनाव में भाजपा को सहयोगी दलों की मदद से वोट मिलते हैं. लेकिन, चुनावों के बाद पार्टी सहयोगियों को ही साथ लेकर नहीं चलती है. अगर भाजपा 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करती है तभी हम पार्टी के साथ आगामी चुनावों में लडेंगे.

हाल ही में चार सदस्यीय सामाजिक न्याय समिति ने कथित तौर पर 79 ओबीसी जातियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की सिफारिश की है. जिसमें पिछड़ा वर्ग को 7 प्रतिशत, सबसे पिछड़ा वर्ग को 11 प्रतिशत और अति पिछड़ा वर्ग को 9 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि योगी जी केवल गायों को बचाने में लगे हुए हैं और मैं गरीबों को शिक्षा देन चाहता हूं. हमारी सोच अलग-अलग है.

वही अपना दल की नेता अनुप्रिया ने कहा कि हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ समझौता नहीं करेंगे. हम अपने कार्यकर्ताओं की मांगों को हर मंच पर उठाते हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जाता है. यदि भाजपा हमारे कार्यकर्ताओं की अनदेखी करेगी तो पार्टी कोई भी निर्णय ले सकती है.

ज्ञात हो कि बीते सोमवार को असम गण परिषद (एजीपी) ने भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए से गठबंधन तोड़ दिया है और अब दो अन्य सहयोगी पार्टियों ने भी भाजपा को चेतावनी दे दी है. आगामी चुनावों से ठीक पहले सहयोगियों पार्टियों की नाराज़गी भाजपा के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकती है.

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