कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मोदी जी की उज्ज्वला योजना की खुली पोल, सरेआम हो रही है गैस सिलिंडरों की कालाबाज़ारी

लाभार्थियों को मिलने वाले गैस सिलिंडरों में से गैस निकाला जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण एवं ग़रीब महिलाओं की ज़िंदगियों में बदलाव लाने की बात करते हुए उज्ज्वल योजना को शुरू किया था. अपनी इस योजना की बढ़ाई करने में भी मोदी जी कभी भी नहीं थके हैं. लेकिन इस योजना का फायदा महिलाओं को मिला हो या न हो लेकिन सिलिंडरों की कालाबाज़ारी करने वालों की चांदी हो गई है.

ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस योजना के तहत मिलने वाले सिलिंडरों से गैस चुराया जा रहा है और ऐसा इस योजना से जुड़े  हुए  लोग  कर रहे हैं.

जनसत्ता की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र में मुंबई से करीब 20 किलोमीटर दूर ठाणे ज़िले के उल्हासनगर में एक घर में काफी सारे गैस सिलिंडर रखे हुए थे. इन सिलिंडरों को योजना के लाभार्थियों के घर पहुँचाना था, लेकिन योजना के सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलिंडर में भरकर कालाबाज़ारी को  अंजाम दिया जा रहा था.

गौरतलब है कि एक मशीन की सहायता से 30 सेकंड में 2-3 किलो गैस निकाल लिया जाता है. करीब पांच सिलिंडरों से गैस निकालकर एक खाली सिलिंडर को भर दिया जाता है और फिर उसे बाज़ार की कीमत में बेच दिया जाता है.

इस पूरे मामले में एक और पक्ष सामने आया है. कि गैस एजेंट डिलीवरी बॉय की सहायत से घरों तक सिलिंडरों को पहुँचाया जाता है. लेकिन एजेंट को एक गैस सिलिंडर की डिलीवरी का एजेंसी सिर्फ 18 रु देती है. ऐसे हालत में ज़्यादा पैसे कमाने के चक्कर में एजेंट डिलीवरी बॉय के साथ मिलकर सिलिंडरों की कालाबाज़ारी करते हैं.

ज्ञात हो कि ऐसा दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस उज्ज्वला योजना से अब तक 5.8 करोड़ परिवार जुड़ चुके हैं और 2020 तक 8 करोड़ परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है.

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