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देश में बेरोज़गारी ने तोड़ा 20 सालों का रिकॉर्ड, उत्तर-भारत में सबसे बुरा हाल

बेरोज़गारी का असर पूरे देश में हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे उत्तर भारतीय राज्य इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

एक तरफ़ तो प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के विकास का दावा करते हैं वहीं, दूसरी तरफ बेरोज़गारी ने पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। देश में युवा बेरोजगारी दर 16 फीसदी तक पहुंच गई है, जो कि 20 वर्षों में सबसे अधिक है। वैसे तो इस बेरोज़गारी का असर पूरे देश में हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे उत्तर भारतीय राज्य इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बेरोजगारी की 2 वजह सामने आई हैं। पहली वज़ह नौकरियों के सृजन का रफ्तार का धीमा होना और दूसरी वजह है इंडस्ट्री में मैन पावर में कमी। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है।

इस रिपोर्ट के आंकड़े श्रम ब्यूरो के पांचवीं वार्षिक रोज़गार-बेरोज़गारी सर्वेक्षण (2015-2016) पर आधारित हैं। श्रम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार कई सालों तक बेरोजगारी दर 2-3 प्रतिशत के आस-पास थी। लेकिन, 2015 में यह दर 5 तक प्रतिशत पहुंच गई और अब युवाओं में बेरोजगारी दर 16 प्रतिशत पहुंच गई है, जो 20 सालों में सबसे ज्यादा है।

स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2018 की रिपोर्ट में बेरोज़गारी को भारत की नई समस्या के रूप में दिखाया गया है। सरकार की ओर से 2015 के बाद समग्र रोजगार की स्थिति पर कोई डेटा जारी नहीं की गई है।

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