कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

कानून एवं व्यवस्था की धज्जियां उड़ी, हज़ारों प्रवासी मज़दूरों ने किया गुजरात से पलायन

राज्य के कई इलाकों में प्रवासी कामगारों पर स्थानीय समूहों द्वारा किया जा रहा है हमला।

गुजरात के साबरकांठा ज़िले में 18 महीने की बच्ची के अपहरण और बलात्कार के बाद राज्य के कई इलाकों में प्रवासी कामगारों पर स्थानीय समूहों द्वारा हमला किया जा रहा है।

न्यूज़18 की एक ख़बर के मुताबिक़ उत्तरप्रदेश और बिहार के मज़दूरों पर भीड़ द्वारा किए जा रहे हमले की वजह से हज़ारों की संख्या में लोग गुजरात से पलायन कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पुणे मिरर के अनुसार अब तक गुजरात के मेहसाणा में 15 घटनाएं, साबरकांठा में 11 और अहमदाबाद में 7 घटनाएं घाट चुकी हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में गांधीनगर, पाटन, बनासकांठा और अरावली हैं।

वाराणसी के नीरज राजभर जो कि कलोल में एक औद्योगिक यूनिट में काम करते हैं उन्होंने बताया, “करीब 20 गुंडे कल रात को आए और राज्य छोड़कर जाने को कहा और न जाने पर गंभीर परिणामों की धमकी देकर गए। हमारी कंपनी में करीब 100 प्रवासी काम कर रहे थे और अब सिर्फ 4 बचे हैं, बाकी सभी अपने घर वापस चले गए।”

डीजीपी शिवानन्द झा ने संवाददाताओं को बताया, “मुख्य तौर पर राज्य के 6 ज़िले हिंसा से प्रभावित हैं जिनमें से मेहसाणा और साबरकांठा सबसे ज़्यादा प्रभावित है। इन ज़िलों में 42 मामले दर्ज हुए हैं और अब तक हमने 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जैसे-जैसे पड़ताल में आरोपियों के नाम सामने आएंगे, और भी गिरफ्तारियां होंगी।

डिप्टी पुलिस अधीक्षक एच डी मेवाडा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि भीड़ को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है उन्होंने कहा, जो भी इसमें मिले हुए थे, उन सभी को हमने गिरफ्तार कर लिया है भीड़ को भड़काने के लिए एक भड़काऊ सन्देश सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है ये सन्देश साबरकांठा में हुए बलात्कार पर आधारित है और इस विचार को लेकर है कि बाहर से आकर मज़दूर स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन रहे हैं सोमवार को वाघोडिया बंद की घोषणा भी की गई है किसी भी तरह को आवंचित दुर्घटना को टालने के लिए हमने सुरक्षा व्यवस्था और गश्त को मज़बूत कर दिया है।”

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