कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ये क्या झूठ बोल गए योगी आदित्यनाथ- मेरे दो साल के कार्यकाल में कोई दंगा नहीं हुआ; जानिए सच्चाई क्या है

साल 2017 में उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा की कुल 195 घटनाएं हुई हैं. इस दौरान 44 लोगों की मौत हो गई और 542 लोग घायल हुए थे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्च 2019 में उनके कार्यकाल के दो साल पूरे हो जाएंगे. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट किया और कहा कि ‘मार्च में मेरे शासनकाल के दो वर्ष पूरे होंगे. मेरे अब तक के शासन में, कोई दंगा नहीं हुआ है. हालांकि अगर तथ्यों को देखें तो योगी आदित्यनाथ का दावा कहीं खरा नहीं उतरता.

‘द वायर‘ की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में साल 2014 से लेकर 2017 तक में सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में 21.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सरकार के आंकड़े बताते हैं कि इस प्रकार की घटनाओं पर कोई रोकथाम नहीं लग पा रही है और अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में ये बाकी प्रदेशों की अपेक्षा तेजी से बढ़ रहा है. साल 2017 में सांप्रदायिक हिस्सा में पूरे भारत भर में 111 लोगों की मौत हुई है और इसमें से 44 लोग उत्तर प्रदेश में मारे गए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने पिछले साल 11 दिसंबर 2018 के लोकसभा में बताया था कि साल 2014 के मुकाबले साल 2017 में लगभग 32 फीसदी अधिक सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं हैं और इस दौरान लगभग 44 लोगों की मौत हुई है. वहीं 2015 में ऐसी घटनाओं में 22 लोगों की मौत हुई थी. मंत्री ने बताया कि साल 2017 में उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा की कुल 195 घटनाएं हुई हैं. इस दौरान 44 लोगों की मौत हो गई और 542 लोग घायल हुए थे.

वहीं साल 2014 में यूपी में 133 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं थी.  योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में शब्बीरपुर, बुलंदशहर, सहारनपुर, कासगंज जैसी कई जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं हैं.  साल 2017 में पूरे भारत में कुल 822 सांप्रदायिक घटनाएं हुईं थी इसमें से 195 मामले उत्तर प्रदेश के हैं।  इस हिसाब से साल 2017 में भारत में हुए कुल सांप्रदायिक हिंसा का 23 फीसदी हिस्सा यूपी का है.

मोदी सरकार की ओर से सदन में दिए गए आंकड़ों से ये भी पता चलता है कि उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भी इस तरह की काफी सारी घटनाएं हुई हैं. वहीं बात करें समाजवादी पार्टी के शासनकाल की तो उसके कार्यकाल में भी साल 2013 में 247 सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए थे और इसमें 77 लोगों की मौत हुई तथा 360 लोग घायल हुए थे.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+