कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

लापता बेटे की तलाश कर रहे परिवार पर यूपी में बच्चा चोरी का झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने पीटा

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

व्हाट्सएप पर दो वीडियो जिसमें गुस्साई भीड़ तीन व्यक्तिओं को पीट रही है, इस दावे से वायरल है कि धर्मपुर गांव में त्रिलोकपुर ग्राम सभा के निवासियों ने बच्चा चोर गिरोह को पकड़ लिया है। वीडियो और तस्वीरों के साथ व्हाट्सएप पर साझा किये संदेश के मुताबिक,“ग्राम सभा त्रिलोकपुर के धर्मापुर गांव में पकड़े गए बच्चा चुराने वाला गिरोह त्रिलोकपुर व धर्मापुर गांव के लोगों ने पकड़ा व मौके पर पुलिस भी पहुंची।” व्हाट्सअप पर फॉरवर्ड किए गए संदेश के स्क्रीनशॉट को आप नीचे देख सकते हैं।

ट्विटर उपयोगकर्ता शिवम् मौर्य ने इस घटना का एक अन्य वीडियो समान दावे से साझा किया है।

तथ्य जांच

ऑल्ट न्यूज़ इस घटना से संबधित किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट का पता नहीं लगा पाया है। हालांकि, वीडियो में दिख रही बाइक की नंबर प्लेट से यह पता चलता है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुई है।

भारत में वाहन पंजीकरण के तहत सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा देखने पर, हमने पाया कि इस वाहन का पंजीकरण पंकज कुमार त्रिपाठी के नाम से पंजीकृत है। उसके बाद हमने गूगल पर कीवर्ड्स,“पंकज त्रिपाठी उन्नाव” से सर्च किया तो हमें circle.page वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक लेख मिला।

23 अगस्त को, एक पिता अपने तीन बच्चों और रिश्तेदार के साथ अपने लापता बच्चे की तलाश कर रहे थे जब लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझकर पीट दिया। यह घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई थी। इसके अलावा, हमें Manvadhikar media द्वारा इस घटना पर प्रकाशित किया गया एक लेख मिला। रिपोर्ट के अनुसार, अपने लापता बेटे मुनेश की तलाश के लिए उन्नाव शहर के 65 वर्षीय निवासी गया प्रसाद त्रिपाठी अपने परिवार के सदस्यों के साथ धर्मपुर गांव गए थे। वे जंगल में उसकी तलाश कर रहे थे, जबकि उनके वाहन सड़क पर खड़े थे। जब उन्होंने प्रसाद के लापता बेटे के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की, तो उनपर बच्चा चोर होने का झूठा आरोप लगाया गया। पुलिस को दी गई एक शिकायत में प्रसाद ने कहा कि उनके बेटे की गुमशुदगी की शिकायत मौरवन पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।

ऑल्ट न्यूज़ ने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के बारे में पूछताछ करने के लिए पुरवा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। हमें बताया गया कि ये लोग बच्चा-चोर नहीं थे और कुछ अज्ञात व्यक्तिओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष के रूप में, उत्तर प्रदेश के उन्नाव में परिवार के सदस्यों द्वारा अपने लापता बच्चे की तलाश करते हुए उन पर बच्चा चोर होने का आरोप लगाकर भीड़ द्वारा पीटा गया। इस घटना को सोशल मीडिया में बच्चा चोरी की अफवाहों को बढ़ावा देने के लिए साझा किया गया।

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