कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

#MainBhiChowkidaar पर बोले 70 हज़ार चौकीदार- मोदी जी हम रोज़ के 50 रुपए ही कमा पाते हैं, बंद करो अपनी नौटंकी

चौकीदारों ने कहा कि सरकार ने कभी हमारी वास्तविक स्थिति को जानने, समझने की कोशिश नहीं की है और न ही समस्याओं को दूर कराने का कोई प्रयास किया है.

आम चुनाव की दौड़ में जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए राजनीतिक दल सभी हदों को पार कर जाते हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण भाजपा ने दिया है.

विपक्ष ने कहा देश का चौकीदार चोर है और सत्ताधारी सरकार ने विपक्ष को जवाब देने के लिए ट्वीटर हैंडल पर अपने नाम के आगे चौकीदार लगा लिया. मोदी सरकार ने कहा कि देश का हरेक आदमी चौकीदार है. लेकिन केंद्र सरकार यह भूल गयी कि देश में चौकीदारों की हालात कितनी दयनीय है.

मोदी सरकार ने महज़ चुनावी रणनीति के लिए देश के चौकीदारों के हालात का मज़ाक बना दिया है. ऐसे में मोदी सरकार के चौकीदार वाले कैंपेन को यूपी के 70 हज़ार चौकीदारों ने नौटंकी बताते हुए इसे बंद करने को कहा है.

बता दें कि यूपी के 70 हज़ार चौकीदर जो प्रतिदिन सिर्फ 50 रूपये कमाते हैं. भूखमरी और तंगहाली में अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं. ऐसे में चौकीदार संघ ने कहा है कि यदि मोदी सरकार ने चौकीदारों का इस्तेमाल करना बंद नहीं किया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

जनज्वार बेवसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी की इस ओछी राजनीति से यूपी के असली चौकीदार बहुत आहत हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हमें बख्श दें, हमारे नाम पर राजनीति करना बंद करे.

‘चौकीदार चोर है’ के नारों पर असली चौकीदारों ने आपत्ति दर्ज नहीं की. लेकिन जिस दिन बीजेपी के नेताओं ने अपने नाम के आगे चौकीदार लगाया है तब से सोशल मीडिया पर लोगों में खुद को चौकादार बताने की होड़ लगी है.

इससे नाराज़ होकर असली चौकीदारों ने कहा है कि, मोदी जी हमें मोहरा बना कर अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं. यह हमारे साथ भद्दा मज़ाक है. मोदी जी नौटंकी बंद करो.

जनज्वार की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश चौकीदार संघ के प्रदेश संयोजक रामानंद पासवान कहते हैं, भाजपा अपनी चुनावी राजनीति के लिए हम चौकीदारों का इस्तेमाल न करे.  क्योंकि हम ईमानदारी और मेहनत करके रातभर अपनी ड्यूटी करते हैं. कम संसाधन होने के बावजूद गांवों में टार्च और लाठी लेकर लाल पगड़ी बांधे साइकिल से गांव-गांव जाकर रात्रि ड्यूटी करते हैं. हमारे लिए गर्मी, बरसात जाड़ा सब एक समान ही रहता है. बावजूद इसके सरकार हमारी मेहनत के अनुरूप मानदेय भी नहीं देती है ना. नाममात्र के मानदेय पर हम लोगों के कंधों पर पूरी सुरक्षा का जिम्मा है.

 चौकीदारों ने कहा कि सरकार ने कभी हमारी वास्तविक स्थिति को जानने, समझने की कोशिश नहीं की है और न ही समस्याओं को दूर कराने का कोई प्रयास किया है.

वहीं, उत्तर प्रदेश चौकीदार संघ के प्रदेश सह संयोजक जितेन्द्र यादव कहते हैं, चौकीदार कभी चोर नहीं होता है और न ही हर कोई चौकीदार बन सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि हम लोगों के ईमानदार पेशे को सियासी खेल में न घसीटा जाये. मोदी जी हमारे नाम का इस्तेमाल कर नौटंकी करना बंद करें.

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