कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

उत्तर प्रदेशः शिक्षा माफिया का पर्दाफाश, 10,000 में बेच रहे थे फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां

एसटीएफ के अनुसार फर्जी दस्तावेज न केवल मेरठ में बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों और उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में भी बेचे जा रहे थे.

उत्तर प्रदेश के मेरठ में फर्जी मार्कशीट  बनाने का मामला सामने आया है. एक गिरोह द्वारा बीबीए, बीसीए, एलएलबी, बीएड और एमएड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए मार्कशीट बनाने का काम किया जाता था.

बता दें कि 14 जनवरी को पुलिस द्वारा पांच मार्कशीट का वेरिफिकेशन किया गया तो सभी मार्कशीट फर्जी निकली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि जुलाई में एसटीएफ़ द्वारा एक महत्वपूर्ण गिरोह को पकड़ने के बावजूद भी शहर में शिक्षा माफिया अभी भी सक्रिय हैं.

एसटीएफ ने जो पता लगाया उसके आधार पर फर्जी दस्तावेज न केवल मेरठ में बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों और उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में भी बेचे जा रहे थे.

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे छात्र जिनके पास परीक्षा में फेल होने की अधिक संभावना है या जो पढ़ाई नहीं करना चाहते हैं, उन्हें शिक्षा माफिया 10,000-20,000 रुपए में प्रमाणपत्र देते हैं.

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