कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

उत्तर प्रदेश में फ़सल चट कर जा रहे आवारा मवेशी, किसानों की नहीं कोई सुध

पशुओं से फ़सल बचाने के उपाय खोजने की जगह पुलिस उल्टा ग्रामीणों के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर रही है.

उत्तर प्रदेश में आवारा पशु किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे है. गौवंशों द्वारा फ़सलों को नुकसान पहुंचाने की बढ़ती घटनाओं से परेशान होकर मथुरा के जिखन गांव के किसानों ने कुछ आवारा पशुओं को बावनी के स्कूल और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया, जिसके बादग्रामीणों के ख़िलाफ़ पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई.

जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा ने कहा कि ज़िले में एक दर्जन से अधिक अस्थायी गौशालाएं स्थापित की गई हैं. लोगों का कानून को इस तरह अपने हाथ में लेना गलत है. ऐसे लोगों के साथ गंभीर रूप से निपटा जाएगा.

घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की एसडीएम मथुरा, क्रांति शेखर को आवारा पशुओं को जूनियर हाई स्कूल से गौशालाओं में स्थानांतरित करने के लिए भेजा गया था.

ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी हमेशा अपने को किसान हितैषी और पशु प्रेमी बताते रहे हैं, मगर इस घटना को देख कर साफ़ समझा जा सकता है कि ना तो उन्हें किसानों की परेशानियों से मतलब है, ना ही पशुओं से.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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