कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ताली-थाली बजाइए, पर नर्सों को सुरक्षा किट भी दे दीजिए महाराज!

उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में बिना किसी सुरक्षा किट के नर्सों से काम लिया जा रहा है.

कोरोना वायरस के प्रकोप ने देश के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है. अस्पतालों में दिन रात एक करके जुटे नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को सरकार ने पूरी तरह नज़रअंदाज किया है. डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ की नर्स और उत्तर प्रदेश नर्सेज़ एसोसियशन की महामंत्री शशि सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी को सामने लाया है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शशि सिंह बताती हैं कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में काम कर रही नर्सों के पास ना एन-95 मास्क है ना कोई सुरक्षा किट. शशि सिंह बताती हैं कि यह समस्या पूरे उत्तर प्रदेश में है और बिना किसी सुविधा या बचाव के यहां की नर्सें कोरोना की जांच और उसके मरीजों के ईलाज में जुटी हैं.

शशि सिंह का कहना है कि नर्सों को संविदा पर बहाल करके सरकार दस हजार, बारह हजार का मामूली भुगतान करती है और आज उन्हें बिना कोई सुरक्षा मुहैया कराए मौत के मुंह में धकेल रही है.

सरकार के आह्वान पर ताली-थाली बजाने के कार्यक्रम पर शशि सिंह का कहना है कि सरकार डॉक्टरों के काम की सराहना कर रही है, लेकिन नर्सों के योगदान को पूछने वाला भी कोई नहीं है. वे कहती हैं, “डॉक्टर तो बस इमरजेंसी वार्ड में बैठे हैं, असली काम तो नर्सें कर रही हैं, लेकिन किसी को उनका योगदान दिख नहीं रहा. डॉक्टर्स, फार्मासिस्ट और लैब टेकनीशियन के पास सुरक्षा किट तो है, लेकिन नर्सों के पास कुछ नहीं है. उन्होंने सरकार से सुरक्षा संसाधनों की मांग की है.

शशि सिंह का कहना है कि अगर सरकार सुरक्षा किट मुहैया करने में नाकाम है तो नर्सों को छुट्टी ही दे दे. बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 33 हो गई है. इसके साथ ही देश में करीब 500 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. कम से कम आठ लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है.

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