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उत्तर प्रदेश के CM अजय सिंह बिष्ट पर कथित “आपत्तिजनक” पोस्ट करने के लिए पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया गिरफ़्तार

प्रशांत कनौजिया पर आईपीसी की धारा 500 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट पर कथित रूप से “आपत्तिजनक” सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देकर पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया को गिरफ़्तार किया गया है. शनिवार को दिल्ली के उनके आवास से यूपी पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार  किया. उनके ऊपर आईपीसी की धारा 500 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

दरअसल, हाल ही में उत्तर प्रदेश की एक महिला मीडिया के सामने आई थी और आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट यानी योगी आदित्यनाथ उससे विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बात करते हैं और अब अपने रिश्ते को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है. सोशल मीडिया पर यह विडियो खूब वायरल हुआ था.

प्रशांत कन्नौजिया ने इसी पोस्ट को साझा करते हुए कैप्शन में लिखा था, “इश्क छुपता नहीं छुपाने से योगी जी.” उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसी को आधार पर प्रशांत कन्नौजिया को गिरफ़्तार किया है. उनके ऊपर हजरतगंज थाने के सब इंस्पेक्टर द्वारा मुक़दमा दर्ज कराया गया है. इस एफ़आईआर में कहा गया है कि प्रशांत कन्नौजिया के सोशल मीडिया पोस्ट से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हुई है.

द स्क्रॉल के मुताबिक हजरतगंज थाने द्वारा शनिवार 8 जून की शाम को जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि प्रशांत कन्नौजिया के ऊपर आईपीसी की धारा 500, 505 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत प्रमाणित साक्ष्य उपलब्ध है.

बता दें कि प्रशांत कन्नौजिया समाचार वेबसाइट द वायर हिन्दी से जुड़े रहे हैं. द वायर के संपादक सिदार्थ वरदराजन ने प्रशांत के गिरफ़्तारी की तीखी आलोचना की है.

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