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वाराणसी से तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी रद्द के फ़ैसले पर फिर से विचार करे EC: सुप्रीम कोर्ट

समाजवादी पार्टी ने तेज बहादुर यादव को वाराणसी से उम्मीदवार बनाया था.

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव का वाराणसी संसदीय सीट पर नामांकन रद्द होने को लेकर शिकायत पर गौर करे. यादव ने वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिये नामांकन पत्र दाखिल किया था.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्वाचन आयोग के वकील से कहा कि वह आवश्यक निर्देश प्राप्त करके वृहस्पतिवार को उसे अवगत करायें.

तेज बहादुर यादव के वकील प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत के एक फैसले का हवाला दिया और कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान भी चुनाव याचिका दायर की जा सकती है.

सीमा सुरक्षा बल में जवानों को मिलने वाले भोजन के बारे में शिकायत संबंधी एक वीडियो पोस्ट करने की घटना के बाद यादव को 2017 में सुरक्षा बल से बर्खास्त कर दिया गया था.

यादव ने अपनी याचिका में निर्वाचन आयोग के फैसले को पक्षपातपूर्ण और तर्कहीन बताते हुये इसे निरस्त करने का अनुरोध न्यायालय से किया है.

वाराणसी संसदीय सीट के लिये समाजवादी पार्टी ने शुरू में शालिनी यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था परंतु बाद में उसने सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त जवान को अपना उम्मीदवार बना लिया था.

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