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फोटोशॉप: अंतरराष्ट्रीय स्मारकों पर भारतीय झंडे की झूठी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर झूठा दावा

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

अंतरराष्ट्रीय स्मारकों पर दिख रहे भारतीय झंडे की तस्वीरों का एक सेट सोशल मीडिया पर वायरल है। फेसबुक पेज ‘आई सपोर्ट मोदी जी एंड बीजेपी‘ ने इन तस्वीरों को यह कहते हुए पोस्ट किया है, “और कुछ लोग पूछ रहे थे कि मोदी जी ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर क्या किया है।” सिर्फ इस पेज से इसे अब तक 4,600 से अधिक बार शेयर किया गया है। एक व्यक्ति ‘Bharath EY‘ के पोस्ट को करीब 1,800 शेयर मिले हैं।

कई दूसरे सोशल मीडिया यूजर्स ने इन तस्वीरों को इसी दावे के साथ फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट किया है।

डिजिटल रचना

ये तस्वीरें इसी संदेश के साथ इंटरनेट पर 2017 से प्रसारित हो रही हैं। 26 जनवरी, 2017 को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से प्रकाशित हुई थी।

इसके तुरंत बाद, डिजिटल रचना के लिए प्रसिद्ध प्लेटफार्म फिल्टर कॉपी (Filter Copy) ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से प्रकाशमान अंतरराष्ट्रीय संरचनाओं की संपादित तस्वीरें पोस्ट की। तभी से ये तस्वीरें सोशल मीडिया में प्रसारित हो रही हैं और बार-बार इस दावे के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं कि यह दुनिया भर में भारत की बढ़ती पहचान का सबूत है।

तिरंगे से प्रकाशमान अंतरराष्ट्रीय स्मारकों की सभी तस्वीरों में, जिन्हें फिल्टर कॉपी द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किया गया था, नीचे दायीं ओर उन्हें संपादित किए जाने का लोगो देखा जा सकता है।

2017 में ये तस्वीरें पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी ने भी ट्वीट की थीं। ‘इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स‘ द्वारा किरण बेदी के इस दावे का 2017 में तथ्य-जांच भी किया गया था।

निष्कर्ष: यह बताते हुए — कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हुई तरक्की का ये सबूत हैं — विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्मारकों पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रकाशित होने की डिजिटल रचना से बनाई गईं तस्वीरों का इस्तेमाल, सोशल मीडिया यूजर्स को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है।

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