कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मक्का की तस्वीर कुंभ मेले की तैयारी बताकर फैलाई गई

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में जनवरी 2019 में कुंभ मेला आयोजित किया जाएगा। कुम्भ स्नान के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी न सिर्फ जमीन पर बल्कि सोशल मीडिया पर भी चल रही है। एक तस्वीर को यह सन्देश के साथ  व्यापक रूप से शेयर किया गया कि यह कुंभ मेला के लिए चल रही तैयारियों की तस्वीर है।

हमेशा की तरह फर्जी समाचार वेबसाइट पोस्टकार्ड न्यूज़ इसे पोस्ट करने में सबसे आगे था। 16 नवंबर को इस तस्वीर को पोस्टकार्ड न्यूज़ ने इस सन्देश के साथ किया, “हां यह स्वर्ग है। इस प्रकार से उत्तर प्रदेश का प्रयागराज कुंभ मेले के लिए तैयार हो रहा है।”(अनुवादित) बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया था। ट्विटर और फेसबुक पर कई लोगो ने भी इस तस्वीर को शेयर किया है कि यह जनवरी 2019 में होने वाले कुंभ मेले से पहले प्रयागराज (इलाहाबाद) में चल रही तैयारी है। इसे फेसबुक पेज पल्स ऑफ इंडिया (Pulse of India ) द्वारा भी पोस्ट किया गया है, जिसे 400 से अधिक लोगो ने शेयर किया है। कुछ और यूजर्स ने इन चल रही तैयारी और व्यवस्था के लिए योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार की भव्य प्रशंसा भी की है।

ये मक्का की तस्वीर है, कुंभ मेले में चल रही तैयारियों की नहीं

ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल रिवर्स इमेज सर्च की सहायता से जांच की तो ये सुझाव आया कि तस्वीर सऊदी अरब के प्रसिद्ध मक्का मस्जिद की है।

आगे और जांच करने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ऐसी ही एक तस्वीर को इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था जिसे सोशल मीडिया में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के होने का दवा किया गया गया है। तस्वीर को 19 अगस्त, 2018 को इंस्टाग्राम अकाउंट @thatsmyhajj द्वारा अपलोड किया गया था, जो कि दक्षिण अफ़्रीकी हज तीर्थ यात्रियों के लिए अपने अनुभव साझा करने का एक सोशल मीडिया मंच है। यह तस्वीर वेबस्टा पर भी देखने के लिए उपलब्ध है, जो इंस्टाग्राम पर किये गए पोस्ट को ऑनलाइन इन्टरनेट पर देखने का माध्यम है। इस तस्वीर को मीना में लिया गया था, जो मक्का के नजदीक स्थित है। यहाँ हर साल आने वाले लाखों हज यात्रियों के लिए ठहरने का प्रबंध किया जाता है।

यह अजीब बात है कि मक्का, सऊदी अरब की तस्वीर को उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार द्वारा कुंभ मेला की भव्य तैयारी के रूप में पेश किया गया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि भारत के किसी कार्यक्रम का वर्णन करने के लिए किसी विदेशी असंबंधित तस्वीर का उपयोग किया गया हो। हाल ही में, अहमदाबाद की मेयर ने सियोल, दक्षिण कोरिया की एक तस्वीर का इस्तेमाल अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट दिखाने के लिए किया था।

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