कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

क्या मुंबई के मुस्लिम रिक्शाचालकों ने BEST के बस पर पथराव किया? नहीं, गुजरात का वीडियो वायरल

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल.

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें भीड़ एक सार्वजनिक बस में तोड़ फोड़ कर रही है और ईंटो से बस की खिड़कियां तोड़ रही है। दावे के मुताबिक, शुक्रवार की नमाज़ के बाद मुंबई में ऑटो वाले ने BEST बस जो की BKC और स्टेशन के बीच चलती है, उस पर हमला कर दिया क्योकि बस ने अपने किराए में कमी की थी।

Jumme ki namaz ke baad ….auto wale ne BKC me khadi BEST ki bus ki todfod ki …kyuki wo log ne low rate me BKC to Stn seva start ki …..

Posted by Vimal Thakkar on Friday, July 12, 2019

संदेश में लिखा है,“जुम्मे नमाज़ के बाद…ऑटो वाले ने BKC में खड़ी BEST की बस की तोड़फोड़ की…क्योंकि वो लोग ने लो रेट में BKC टू स्टेशन सेवा स्टार्ट की”

इस दावे को ट्विटर पर भी साझा किया गया है।

इस वीडियो को एक अन्य कैप्शन के साथ भी साझा किया गया है –“बांद्रा से BKC के बीच नए चालू किये गए रूट के विरोध में उसी रूट के मुस्लिम रिक्शावालों का समूह”-(अनुवाद)। इसी समान दावे को ट्विटर पर भी शेयर किया गया है।

Oppose of bus route started to Bandra to BKC by group of Muslim Rikshawala’s running share Riksha on that route

Posted by Chetan Mehta on Friday, July 12, 2019

गुजरात का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो का बारीकी से परीक्षण किया और पाया कि यह घटना गुजरात के सूरत में हुई थी ना कि महाराष्ट्र के मुंबई में।

वीडियो में दिख रही बस के साइड में ‘SITILINK’ शब्द अंकित है। SITILINK शब्द का प्रयोग सूरत बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए किया जाता है। यह सार्वजनिक बस व्यवस्था है जो की सूरत में चलती है।

दूसरा सुराग बस का नंबर प्लेट है। वीडियो में धुंधले अक्षरों में ‘GJ 05’ दिख रहा है। GJ 05 सूरत के लिए RTO वाहन पंजीकरण कोड है।

जब हमने संबधित कीवर्ड्स ‘सूरत की बस में पत्थरबाज़ी’ से यूट्यूब पर सर्च किया तो, हमने समान जगह पर सूरत की एक न्यूज़ चैनल दिवांग न्यूज़ द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला। इस वीडियो क्लिप में हमले के बाद के दृश्य भी दिखाए गए है। वीडियो का शीर्षक था –“सूरत: पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे क्योंकि मॉब लिंचिंग के खिलाफ रैली एक हिंसक घटना में बदल गई”-(अनुवाद)।

https://youtu.be/E70ldw0zuGg

TV9 गुजराती ने भी इस घटना को प्रकाशित किया था। सूरत में मॉब लिंचिंग के खिलाफ प्रदर्शन रैली 5 जुलाई को हुई थी। हालांकि, यह आंदोलन हिंसक रूप ले लिया था और लोग पथराव करना शुरू कर दिये थे। द टाइम्स इंडिया ने कहा,“भीड़ अचानक से गुस्से में तब आ गई जब उन्हें जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए मक्काई पूल से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक दो बसों पर हमला किया गया था”-(अनुवाद)। आगे लिखा है कि,“लोगों ने टेक ऑफ रेस्तरां के पास एक सिटी बस को निशाना बनाकर उसकी खिड़की के शीशे और बाकी हिस्से भी तोड़ दिए”-(अनुवाद)।

चालीस लोगों को इस हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

गुजरात के सूरत में हुई हिंसा के वीडियो को गलत दावे से साझा किया कि महाराष्ट्र के मुंबई में BEST बस के दामों में गिरावट को लेकर मुस्लिम रिक्शाचालकों ने हिंसक प्रदर्शन किया।

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