कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नशे में धुत महिला का वीडियो, “बच्चा चोरी करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम गिरोह” के रूप में वायरल

ऑल्ट न्यूज़ की जांच.

एक महिला को बच्चा चोरी के संदेह में पकड़ कर लोगों द्वारा पूछताछ करने का एक वीडियो सोशल मीडिया में साझा किया गया है। इसके साथ साझा दावे में बताया गया है कि यह रोहिंग्या मुसलमानों का गिरोह रात में बच्चों को अगवा करने की ताक में है।

Kirar Manoj Dhakad ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಜುಲೈ 19, 2019

इस वीडियो में, भीड़ में से एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह महिला बरेली [मध्य प्रदेश] में एक बच्चे के अपहरण का प्रयास करते हुए रंगे हाथ पकड़ी गई। वह व्यक्ति बच्चे के पिता की ओर इशारा करते हैं जो आरोप लगाते हैं कि महिला उनके घर में घुस गई थी और पकड़े जाने पर बाहर भागी थी।

इस वीडियो के साथ साझा संदेश में कहा गया है, “सावधान भोपाल में 15 से 20 लोगों कीअलग अलग रोहिग्या मुस्लिमो की टोली आई है उनके साथ बच्चे और महिलाएं हैं और उनके पास हथियार भी है और 2 बजे आधी रात को और किसी भी वक्त आते हैं और बच्चे की रोने की आवाज आती है कृपया दरवाजा ना खोले प्लीज इसको आप सारे ग्रुप में शेयर करें। भोपाल पुलिस C.S.P. Send to all group plz.”

शराब के नशे में घूम रही महिला पर बच्चे के अपहरण का झूठा आरोप, भीड़ ने की पिटाई 

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो में दिए गए सुराग की मदद से गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया तो हमारे सामने पत्रिका द्वारा प्रकाशित लेखों का एक संकलन आया, जिसमें बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मोब लिंचिंग के हमलों की घटनाओं की एक सूची दी गई थी। उनमें से एक हमले का विवरण,  इस वीडियो में दिखाई गई घटना के समान था। इस रिपोर्ट के अनुसार, 19 जुलाई की रात एक विक्षिप्त महिला गलती से बरेली [रायसेन जिले] में एक व्यक्ति के घर में घुस गई थी। गलती से उसे बच्चा चोर समझ कर भीड़ ने पीट दिया। बाद में, पुलिस की दखलंदाज़ी के बाद, उस महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस घटना को दैनिक भास्कर ने भी प्रकाशित किया था।

ऑल्ट न्यूज़ ने बरेली पुलिस से संपर्क कर इस पूरी घटना की पुष्टि की। हमने यह वीडियो, क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक को भेजा, जिन्होंने पुष्टि की कि यह उसी घटना का वीडियो है। पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया, “महिला शराब के नशे में थी और पहले से ही एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मामूली हाथापाई के बाद, वह वहां से भाग गई और पुलिस को बाद में सूचित किया गया कि वह एक भीड़ को मिल गई, जिसने उसे बच्चा चोर समझ लिया। पुलिस ने उसे बचाया और अस्पताल में वापस भेजा। बाद में वह अपने परिवार के पास चली गई”।

झूठी अफवाहों को बढ़ावा देने के लिए, शराब के नशे में एक महिला पर गलत तरीके से बच्चों को अगवा करने का झूठा आरोप लगाकर, उसके वीडियो को सोशल मीडिया में प्रसारित किया जा रहा है। यहां पर भी ऐसी अफवाहों को प्रसारित करने के लिए दावा किया गया है कि – रोहिंग्या मुसलमान बच्चों को अगवा करने की ताक में है। ऑल्ट न्यूज़ ने हाल ही में एक वीडियो की पड़ताल की है, जिसमें मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति को मध्य-प्रदेश के रायसेन में भीड़ द्वारा पीटा गया और उसकी पूछताछ की गई थी। मध्य-प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक सेक्स रैकेट गिरोह की तस्वीर को भी रोहिंग्या मुस्लिम बच्चा चोर के रूप में साझा किया गया था। पिछले साल भी इसी तरह की अफवाहें प्रसारित हुई थी।

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