कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

विवेक तिवारी केस: तिवारी और महिला सहकर्मी को बदनाम करने के लिए फर्जी, अश्लील फोटो प्रसारित

Alt न्यूज़ की पड़ताल

29 सितंबर को लखनऊ में एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा सेल्स एग्जीक्यूटिव विवेक तिवारी की गोली मारकर हुई हत्या ने आक्रोश खड़ा किया। हत्या को लेकर विपक्ष ने आक्रामक रूप से योगी आदित्यनाथ सरकार को निशाना बनाया है वहीँ राज्य सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को व्यापक रूप से प्रसारित किया गया और जीवंत चर्चा हुई है। अब, सोशल मीडिया में एक तस्वीर को खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें एक पुरुष और एक महिला को अंतरंग स्थिति में दिखलाया गया है। दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में विवेक तिवारी के साथ उसकी सहकर्मी महिला सना खान है, जो कार में उस समय मौजूद थी जब तिवारी को गोली मारी गई थी।

फेसबुक यूजर अंकित अम्बेडकर के पोस्ट को पहले ही कई हजार बार शेयर किया गया। कई उपयोगकर्ताओं ने भी इनके विवेक तिवारी और सना खान होने का दावा करते हुए यूपी पुलिस द्वारा तिवारी की हत्या को सही ठहराने के संकेत के साथ इस तस्वीर को शेयर किया है। खान इस मामले में अकेली चश्मदीद गवाह है।

तिवारी और खान की फोटो नहीं

विवेक तिवारी और सना खान के बारे में सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे संदेश और तस्वीर गलत है। तस्वीर में दिख रहे लोग तिवारी और खान नहीं हैं। ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर की रिवर्स इमेज सर्च की और कई वेबसाइटों के लिंक पर इसी तस्वीर को हमने पाया।

हमने देखा कि इस तस्वीर को कई अश्लील वेबसाइटों पर पोस्ट किया गया है। इनमें से अधिकांश वेबसाइटों ने इसे इसी साल पहले भी शेयर किया था। जिससे यह साफ़ होता है कि इस तस्वीर में पुरुष और महिला, विवेक तिवारी और सना खान नहीं हैं।

हाल ही, इस मामले में अभियुक्त कॉन्स्टेबल के पक्ष में फेसबुक पर अभियान चलाकर 5 लाख रुपये जमा किए गए थे। अब, अश्लील फोटो प्रसारित कर तिवारी और खान को बदनाम करने का अभियान चलाया गया है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि इस प्रकार दुष्टतापूर्वक किसी की चरित्र को हानि पहुंचाने वाले दावों को शेयर करने से पहले बहुत चौकस रहें।

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