कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

पश्चिम बंगाल: कर्ज में डूबे 68 वर्षीय किसान शंकर घोष ने की आत्महत्या

पश्चिम बंगाल में पिछले 3 महीनों के भीतर 121 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान ज़िले में 68 वर्षीय किसान शंकर घोष ने कर्ज के बोझ तले दबने से बीते 3 मई को आत्महत्या कर ली.

गणशक्ति अखबार  के अनुसार, घोष के परिवार ने कहा कि उन्होंने बैंकों और गांव के महाजन से लाखों रुपए का कर्ज लिया था.

ग़ौरतलब है कि पिछले 3 महीनों में ज़िले में कुल 16 और राज्य भर में 121 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

किसान के परिवार के सदस्यों ने अखबार को बताया कि उसके पास 15 बीघा ज़मीन है. जिसमें से उन्होंने 6.5 बीघा पर आलू की खेती की थी. लेकिन बेमौसम बारिश ने फसल को नष्ट कर दिया था.

जो आलू बच गए, वे सिर्फ 130 रुपए प्रति बोरी (50 किलो) में बेचे गए. इसके बाद, उन्होंने फिर से गेहूं की खेती करने के लिए कर्ज लिया. फसल अच्छी हो गई थीं. हालांकि चक्रवात फानी के आगमन ने घोष को फिर निराशा कर दिया.

कृषि विभाग ने किसानों को तूफान आने से पहले गेहूं की कटाई करने के लिए कहा था. लेकिन, घोष की फसलें तब तक पकी नहीं थी.

परिवार के अनुसार, बीते गुरुवार को किसान ने  रोज की तरह गमझा लिया और अपने खेत के लिए रवाना हो गए. जब वह अंधेरा होने के बाद भी वापस नहीं आए, तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की. जिसके बाद किसान का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला.

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