कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

#Metoo कैंपेन : महिला पत्रकारों ने किया यौन शोषण के ख़िलाफ़ संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन

महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और सुधार) अधिनियम के उचित कार्यान्वयन की मांग की।

शनिवार को #Metoo अभियान के क्रम में महिला पत्रकारों के एक समूह ने नई दिल्ली के संसद मार्ग में विरोध प्रदर्शन किया। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और संसद मार्ग पर स्थित फ्री स्कूल चर्च के सामने जमा होकर उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और सुधार) अधिनियम के उचित कार्यान्वयन की मांग की। उन्होंने यौन शोषण रोकथाम अधिनियम के उचित कार्यान्वयन की मांग को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया और यौन उत्पीड़न के आरोपियों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शन में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व पत्रकार एम.जे अकबर पर लगाए गए आरोपों के तहत उन्हें पद से हटाने की मांग भी की है। ग़ौरतलब है कि एम.जे अकबर पर अब तक 14 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ पत्रकार और महिला पत्रकारों के संगठन इंडियन वीमेंस प्रेस कॉर्प्स (आईडब्ल्यूपीसी) की अध्यक्ष टीआर राजलक्ष्मी ने कहा, “कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन शोषण स्वीकार्य नहीं है। हम उन महिलाओं का सम्मान करते हैं जिन्होंने अपने साथ हुए यौन शोषण के मामलों को सबके सामने रखा और अपनी आपबीती सुनाई। ऐसा कर पाना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं है। इस तरह की घटनाओं को बताने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर इंटरनल कम्प्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) द्वारा नज़र रखे जाने की ज़रुरत है। मीडिया संस्थान में यौन शोषण की ऐसी घटनाएं बताती हैं कि मीडिया संगठनों में आईसीसी नहीं है या फिर प्रभावशाली नहीं है।

बीते शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी #Metoo कैंपेन में यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ बोलने वाली महिलाओं का समर्थन किया।

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ज्ञात हो कि #Metoo अभियान की शुरूआत होने के बाद भारतीय मीडिया और फिल्म जगत से जुड़े कई नामी लोगों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इसी क्रम में बिज़नेस स्टैंडर्ड के पत्रकार मयंक जैन ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया के पूर्व कार्यकारी संपादक गौतम अधिकारी का नाम यौन शोषण के मामले में सामने आने के बाद उन्होंने सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस में सीनियर फेलो के पद से इस्तीफा दिया। इनके अलावा यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स में बतौर राजनीतिक संपादक कार्यरत प्रशांत झा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

#Metoo अभियान में वरिष्ठ पत्रकारों पर लगातार लग रहे आरोपों के मद्देनज़र, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने यौन शोषण की शिकार हुई महिलाओं का समर्थन करते हुए सभी मीडिया संस्थानों में ऐसे मामलों की बिना भेदभाव जांच करने को कहा।

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