कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

“लिखो, मैं हिंदुस्तानी हूँ” : नागरिकता क़ानून के विरोध में लिखी गई अजमल खान की कविता, देखें वीडियो

जिन लोगों के बाप-दादाओं ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया, उनकी नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है.

देश में नयी हवा चली है. लोगों से भारतीय होने का सबूत मांगा जा रहा है. जिन लोगों के बाप-दादाओं ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया, उनकी नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है. इसके पीछे की मंशा यह है कि भारत की धर्म-निरपेक्षता को तबाह किया जाए. सत्ताधीशों की इस मंशा के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं.

इन्ही प्रदर्शनों के बीच अशोक यूनिवर्सिटी और अंबेडकर यूनिवर्सिटी के अध्यापक सह कवि अजमल ख़ान ने विरोध स्वरूप एक कविता लिखी है. कविता अंग्रेजी में राइट डाउन आई एम ऐन इंडियन शीर्षक से लिखी गई है. इसका हिन्दी अनुवाद वरुण ग्रोवर ने किया है. कारवां-ए-मोहब्बत की टीम ने अजमल की इस कविता को फ़िल्माया है. नीचे के लिंक में उक्त वीडियो को देखा जा सकता है.

अजमल खान की कविता का अनूदित पाठ इस प्रकार से है:

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

आगे लिखो,

मेरा नाम अजमल है.

मैं मुसलमान हूँ,

और भारत का नागरिक भी.

घर पे हम सात जन हैं

सब जनम से हिंदुस्तानी,

काग़ज़-पत्तर दिखाएँ?

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

मैं मप्पिला हूँ,

मेरे पूर्वज अछूत कहाए जाते थे

तुम्हारी भाषा में.

मनु के नाम का थप्पड़ खा कर

उन्होंने अपना नाम बदला

तब जाकर अज़मत पाई

सदियों बाद

लेकिन तुम्हारे विचारकों के

पूर्वजों के जनम से भी पहले.

आपको शक़ है क्या?

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

मेरे बाप-दादाओं ने

यहाँ की ज़मीन सींची है

इसी में जिए

इसी में दफ़्न हैं वो.

उनकी जड़ें नारियल और पीपल से भी गहरी जाती हैं

इस ज़मीन में.

हाँ वो कभी ज़मींदार नहीं थे

बस मज़दूर थे

पर जड़ तो हर पौधे की होती है

छोटा हो या बड़ा

ये धरती ही उनकी जड़ है

ये धरती ही उनकी महक है

ये धरती ही उनकी चमड़ी है

काग़ज़-पत्तर दिखाएँ?

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

आप काग़ज़-पत्तर देखेंगे ना?

तो मैं अभी क़ब्रें खोदता हूँ मालाबार की

और सिर्फ़ मालाबार की क्यों

मैं दिखाऊँगा आपको जूतों और गोलियों के निशान

उनकी छातियों पर, जिन्हें मारा ब्रिटिश सिपाहियों ने

आप काग़ज़-पत्तर तो देखेंगे ना?

जबकि मुझे पता है

आपके पास कौन-कौन से काग़ज़-पत्तर हैं.

सेल्युलर जेल का एक माफ़ीनामा

और गांधी के ख़ून से सने हाथ.

और याद दिलाऊँ

कौन-कौन से काग़ज़ हैं आपके पास?

इसलिए ऐसा करो

अपने मुँह में इस देश की पावन मिट्टी भरो

और चुप रहो.

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

और जान लो

मैं भूला नहीं हूँ

कि तुमने भेजे थे ‘नागरिक’

ढहाने को वो मस्जिद

और अब मिलकर तुम

ढहा रहे हो हमारा संविधान

छैनी से तोड़ रहे हो

इस देश की आत्मा

और मैं ग़ुस्से में हूँ

हिम्मत कैसे हुयी तुम्हारी?

हिम्मत कैसे हुयी?

लिखो,

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

ये मेरी धरती है

मैं यहीं पैदा हुआ

और यहीं मरूँगा

तो ऐसा करो

लिख दो साफ़

बड़े मोटे शब्दों में

अपने NRCके काग़ज़ पर

मैं हिंदुस्तानी हूँ.

कविता का मूल अंग्रेजी पाठ इस प्रकार से है: 

I am an Indian
Write it down
My name is Ajmal
I am a Muslim
and Indian citizen
We are seven at home
all are Indian by birth
Do you want documents?

Write me down
that I am an Indian
I am a Moplah
My ancestors were untouchables
Hindus in your language
Slapped on the face of Manu
they changed their names
when they were given dignity
centuries ago
before forefathers of your ideologues were born
Are you suspicious?

Write me down
I am an Indian
My ancestors tilled the soil here
They lived here
and died
Their roots are deeper than the roots of these Banyan and Coconut trees
Though they weren’t land lords
but only peasants
this land is their root
The scent of their root is the scent of this land
The colour of their skin
is the colour of this land
Do you want documents?

Write me down
I am an Indian
Do you still need documents?
Then I will dig the graves in Malabar
and many others
I want to show you the boot and bullets on their chests
when they fell down with the British bullets
Do you still need documents?
I know
What documents you have
The copy of a confession at Cellular Jail
And
The blood stains of Gandhi on your hand
Do you want me to remind you more those ?
I say
Shut the fuck up
If you ask me for documents.

Write me down
I am an Indian
Remember
I have not forgotten
that you sent people to demolish Masjid
But now
you have demolished the Constitution
the soul of this land
I am angry
How dare you?
How dare you?

Write me down
I am Indian
This is my land
If I have born here
I will die here
There for
Write it down
Clearly
In bold and capital letters
On the top of your NRC
that I am an Indian.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+