कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

जवानों के खून और शौर्य के नाम पर वोट मांगना सबसे बड़ी गद्दारी: योगेन्द्र यादव

देश में नए तरीके की ईवीएम आ गई है. ई मतलब भावनाएं, वी माने वीरता और एम मतलब मीडिया.

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पुलवामा हमले और एयर स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा बनाकर वोट मांगने पर भाजपा की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा है कि पहले बूथ लूटे जाते थे, आज पूरा चुनाव लूटा जा रहा है.

दरअसल, योगेंद्र यादव ने चुनाव के मुद्दों को लेकर फ़ेसबुक पर एक विडियो पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि पूरे देश में चुनाव पर कब्ज़ा किया जा रहा है. देश में नए तरीके की ईवीएम आ गई है. ई मतलब भावनाएं, वी माने वीरता और एम मतलब मीडिया. यानी मीडिया के जरिए हमारे सैनिकों की वीरता का इस्तेमाल करते हुए जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है ताकि चुनाव पर कब्ज़ा किया जा सके.

योगेंद्र यादव ने आगे कहा कि आप देख रहे हैं कि पिछले 15 दिनों से देश में क्या कुछ हो रहा है. दो हफ्ते पहले हमें लगता था कि देश के इतिहास में पहली बार एक ऐसा चुनाव होगा, जो खेती, गांव, किसान, युवा और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों और सवालों पर लड़ा जाएगा. लेकिन, आज कोई सेना की वर्दी पहनकर कह रहा है कि इतने आतंकवादी हमने मार गिराए. कोई अर्थियों के ऊपर ऐसे चल रहा है जैसे शोभायात्रा निकल रही हो. उन्होंने सवाल किया कि देश में ये क्या हो रहा है.

पहले बूथ लूटे जाते थे, आज तो पूरा चुनाव लूटा जा रहा है। देशवासियों के नाम मेरी अपील!

पहले बूथ लूटे जाते थे, आज तो पूरा चुनाव लूटा जा रहा है।मीडिया के जरिए हमारे जवानों की वीरता का इस्तेमाल करके जनता के भावनाओं से खेलकर पूरे देश का चुनाव हाइजैक करने की कोशिश की जा रही है।जंग की ओट में वोट का खेल चल रहा है।देशवासियों के नाम मेरी अपील!

Posted by Yogendra Yadav on Monday, March 4, 2019

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि बहस तो उस मुद्दे पर होती है, जिसके दो मत हों. लेकिन, आतंक से लड़ने के लिए देश में दो मत नहीं है. पूरा देश सरकार और सेना के साथ खड़ा है. अगर कोई छोटे-मोटे मतभेद होते भी हैं, तो सरकार का काम होता है कि ऐसे मौके पर राष्ट्र सहमति बनाकर सबको जोड़कर रखना. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद उन मुद्दों को लेकर मतभेद पैदा करना चाहती है. रात-दिन ऐसा कुछ किया जा रहा है, जिससे मतभेद हो और दिखाई दें.

योगेंद्र यादव ने सवाल उठाया कि आप जंग लड़ रहे हैं या चुनाव लड़ रहे हैं, या फिर जंग की आड़ में वोट मांग रहे हैं. अगर आप जंग लड़ रहे हैं तो पूरा देश आपके साथ है, लेकिन अगर आप जंग की आड़ में चुनाव लड़ रहे हैं तो ये देशभक्ति नहीं बल्कि देशद्रोह है. जवानों के खून और शौर्य का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए करना, देश के साथ इससे बड़ी गद्दारी नहीं हो सकती है.

योगेन्द्र यादव ने कहा कि पुलवामा हमले की साजिश रचने वाले आतंकी ने यह सोचकर हमला किया होगा कि हम हमला करेंगे इनके सैनिक मारे जाएंगे और हम तो बार्डर के पार हैं, हमें कौन छू लेगा. इनके नेता आपस में एक-दूसरे की गर्दन पकड़ेंगे और इनके देश का लोकतंत्र मेरे बनाए एजेंडे पर चलेगा. उस आतंकी के एजेंडे और मंसूबे को नाकामयाब करना ही हमारी सफलता है.

योगेंद्र यादव ने आगे कहा कि हमारी सेना ने अपना काम कर दिया. उन्होंने बार्डर के उस पार जाकर भी संदेश दे दिया. लेकिन, क्या आपने और मैंने वो काम किया जो करना चाहिए था. जब हमारे नेता एक-दूसरे की गर्दन पकड़कर कितने मरे या नहीं मरे ये सवाल करते हैं, तो हम किसका एजेंडा पूरा कर रहे हैं. सेना की वर्दी पकनकर जब वोट मांगने निकलते हैं तो किसका एजेंडा पूरा करते हैं.

देश के चुनाव के समय जब बाकी सब मुद्दों को छोड़कर सिर्फ पुलवामा और बालाकोट पर बहस करते हैं तो किसका एजेंडा पूरा कर रहे हैं. उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस देश का एजेंडा हम तय करते हैं. मेरा देश, मेरा वोट, मेरे मुद्दे. कोई आतंकी हमारे मुद्दे तय नहीं करेगा. ये सच्चा राष्ट्र धर्म और देशभक्ति है. आज इसकी जरूरत है.

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